Founder – Mohan Milan

सुपौल और मधेपुरा में जनसंवाद करेंगे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार,समृद्धि यात्रा का तीसरा चरण आज से शुरू

पटना,अंग भारत। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपनी समृद्धि यात्रा के तीसरे चरण के साथ सुपौल और मधेपुरा के जिलों में जनसंवाद करने और विकास कार्यों का जायजा लेने के लिए पहुंच रहे हैं। यह यात्रा राज्य के दूरदराज के क्षेत्रों में सरकारी योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित करने और आम जनता की जमीनी समस्याओं को सीधे सुनने के लिए तैयार की गई है। सरकार का मुख्य ध्येय उन परियोजनाओं की गति को तेज करना है जो पिछले कुछ समय से लंबित हैं या जिनमें सुधार की गुंजाइश है।

सुपौल में विकास कार्य

मुख्यमंत्री सुपौल जिले में बड़ी सौगात देने जा रहे हैं, जहाँ विकास की नई इबारत लिखी जा रही है। यहाँ की जनता के लिए सरकार ने अरबों रुपये की परियोजनाओं को स्वीकृति दी है। इन कार्यों के माध्यम से बुनियादी ढांचे में सुधार की उम्मीद है।

  • 435 करोड़ रुपये की लागत से कुल 84 नई योजनाओं का शिलान्यास किया जाएगा।
  • 135 करोड़ रुपये की लागत से 129 पूरी हो चुकी योजनाओं का भव्य उद्घाटन होगा।
  • जिले में चल रहे कल्याणकारी कार्यक्रमों की प्रत्यक्ष समीक्षा की जाएगी ताकि पारदर्शिता बनी रहे।

स्थानीय स्तर पर इन परियोजनाओं के शुरू होने से न केवल रोजगार के अवसर पैदा होंगे, बल्कि स्वास्थ्य, शिक्षा और सड़क मार्ग की कनेक्टिविटी में भी सुधार देखने को मिलेगा। अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे समय सीमा के भीतर इन निर्माण कार्यों को पूर्ण करें।

मधेपुरा का विशेष दौरा

मधेपुरा में भी मुख्यमंत्री का कार्यक्रम बेहद सघन है, जहाँ वे जनसंवाद के जरिए स्थानीय नागरिकों की सीधी राय लेंगे। मधेपुरा के लिए तय की गई विकास राशि का ब्यौरा नीचे दी गई तालिका में देखा जा सकता है:

प्रोजेक्ट का प्रकार बजट (करोड़ में) योजनाओं की संख्या
शिलान्यास (नई परियोजनाएं) 86 करोड़ 137
उद्घाटन (पूरी हुई परियोजनाएं) 216 करोड़ 158

मुख्यमंत्री की यह यात्रा केवल फीता काटने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उन सरकारी अफसरों के लिए एक कड़ा संदेश है जो फाइलों में विकास तो दिखा देते हैं लेकिन धरातल पर उसका असर नदारद होता है। जनता से सीधा संवाद ही इस यात्रा की असली सफलता का पैमाना होगा।

यात्रा का विस्तृत लक्ष्य

समृद्धि यात्रा का यह तीसरा चरण सुपौल और मधेपुरा के बाद राज्य के अन्य महत्वपूर्ण जिलों को भी कवर करेगा। इसमें अररिया, किशनगंज, पूर्णिया, कटिहार, सहरसा, खगड़िया, बेगूसराय और शेखपुरा को शामिल किया गया है। इन जिलों के हर प्रशासनिक विभाग को तैयारी रखने के आदेश दिए गए हैं।

नीतीश कुमार की इस कवायद के पीछे सरकार की सोच यह है कि जनता के बीच जाकर उनकी फीडबैक ली जाए। अक्सर ग्रामीण इलाकों में प्रशासनिक उदासीनता के कारण लोग सरकारी लाभ से वंचित रह जाते हैं। जब राज्य का मुखिया खुद जिले में उपस्थित होकर अधिकारियों की बैठक लेता है, तो काम की गति में स्पष्ट तेजी आती है। विशेष रूप से जल-जीवन-हरियाली और समाज सुधार से जुड़ी योजनाओं पर जोर दिया जाएगा, ताकि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल सके। आने वाले दिनों में यह स्पष्ट होगा कि इन बैठकों से आम जनता को कितना तत्काल लाभ मिलता है और प्रशासनिक स्तर पर जवाबदेही कितनी बढ़ती है।

Facebook
X
Threads
WhatsApp
Telegram
Picture of अंग भारत • रिपोर्टर

अंग भारत • रिपोर्टर

‘अंग भारत’ एक हिंदी दैनिक समाचार पत्र है, जो मिलन ग्रुप द्वारा संचालित एक बहुआयामी मीडिया संगठन का हिस्सा है। हमारा कॉर्पोरेट कार्यालय बिहार के ऐतिहासिक अंग प्रदेश के पवित्र स्थान बांका में स्थित है। हमारा उद्देश्य निष्पक्ष, विश्वसनीय और जनहित से जुड़ी खबरों को पाठकों तक पहुंचाना है।”

Related Posts
Recent Posts
App Icon