अहमदाबाद, अंगभारत। भारतीय क्रिकेट टीम ने इतिहास रचते हुए आईसीसी पुरुष टी2० विश्व कप का खिताब तीसरी बार अपने नाम कर लिया है। अहमदाबाद के नरेन्द्र मोदी स्टेडियम में खेले गए इस महामुकाबले में भारत ने न्यूजीलैंड को 96 रनों से करारी शिकस्त देकर चमचमाती ट्रॉफी पर कब्जा किया। इस जीत के साथ ही टीम इंडिया लगातार दो बार टी2० विश्व कप का खिताब जीतने वाली दुनिया की पहली टीम बन गई है। पूरे मैच के दौरान भारतीय खिलाड़ियों ने मैदान पर जिस तरह का आक्रामक खेल दिखाया, उसने विपक्षी टीम को संभलने का मौका ही नहीं दिया। गेंदबाजी में धारदार प्रदर्शन करने वाले जसप्रीत बुमराह को उनकी बेजोड़ गेंदबाजी के लिए ‘मैन ऑफ द मैच’ चुना गया। उन्होंने फाइनल के बड़े मंच पर ऐसी गेंदबाजी की जिसने मैच का रुख पूरी तरह भारत की तरफ मोड़ दिया।
ऐतिहासिक जीत के मायने
इस खिताबी जीत के साथ भारतीय टीम ने कई पुराने रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं और नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। अब भारत दुनिया की इकलौती ऐसी टीम बन गया है जिसने तीन बार टी2० विश्व कप का खिताब जीता है। इसके अलावा, भारत ने एक और बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम किया है। वह पहली ऐसी मेजबान टीम बन गया है जिसने अपने ही घर में इस सबसे छोटे फॉर्मेट के विश्व कप की ट्रॉफी उठाई है। अक्सर देखा जाता है कि अपने घरेलू दर्शकों के सामने खेलने का एक अलग दबाव होता है, लेकिन भारतीय खिलाड़ियों ने इस दबाव को अपने ऊपर हावी नहीं होने दिया। मैदान पर मौजूद हजारों प्रशंसकों के शोर ने भारतीय टीम में एक नया जोश भरने का काम किया, जिसका नतीजा सबके सामने है।
भारतीय बल्लेबाजों का गदर
इस रोमांचक फाइनल मुकाबले में टॉस का फैसला न्यूजीलैंड के पक्ष में रहा। कीवी कप्तान मिचेल सैंटनर ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला लिया। उनका यह फैसला शुरुआती ओवरों में ही पूरी तरह से गलत साबित हो गया। भारतीय बल्लेबाजों ने मैदान पर आते ही आक्रामक रुख अपनाया और न्यूजीलैंड के गेंदबाजों की जमकर धुनाई शुरू कर दी। निर्धारित 20 ओवरों के खत्म होने तक भारत ने 255 रनों का एक विशाल और पहाड़ जैसा स्कोर खड़ा कर दिया, जिसने न्यूजीलैंड के हौसले पस्त कर दिए।
संजू सैमसन का बड़ा रिकॉर्ड
भारत की इस तूफानी बल्लेबाजी के मुख्य सूत्रधार रहे संजू सैमसन। उन्होंने मैदान के चारों ओर चौकों और छक्कों की बरसात करते हुए 89 रनों की धमाकेदार पारी खेली। यह स्कोर टी2० विश्व कप के इतिहास के फाइनल में किसी भी बल्लेबाज द्वारा बनाया गया सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर है। संजू सैमसन के अलावा ईशान किशन ने भी बेहतरीन बल्लेबाजी करते हुए 54 रन जोड़े, जबकि युवा बल्लेबाज अभिषेक शर्मा ने 52 रनों का योगदान दिया। जब लग रहा था कि रन गति थोड़ी धीमी हो सकती है, तभी क्रीज पर आए शिवम दुबे ने आखिरी ओवरों में तबाही मचा दी। उन्होंने मात्र 8 गेंदों का सामना किया और ताबड़तोड़ 26 रन कूटकर टीम के स्कोर को 255 तक पहुंचा दिया।
बुमराह की कातिलाना गेंदबाजी
256 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी न्यूजीलैंड की टीम को रोकने की पूरी जिम्मेदारी भारतीय गेंदबाजों पर थी। जसप्रीत बुमराह ने इस जिम्मेदारी को बखूबी समझा और कीवी बल्लेबाजों के विकेट उखाड़ना शुरू कर दिया। बुमराह ने अपने स्पेल के 4 ओवरों में मात्र 15 रन खर्च किए और 4 विकेट चटकाए। उनकी सटीक यॉर्कर और धीमी गति की गेंदों को समझ पाना न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों के लिए बिल्कुल असंभव साबित हो रहा था। बुमराह को दूसरे छोर से स्पिन गेंदबाज अक्षर पटेल का भी पूरा सहयोग मिला। अक्षर ने अपने 3 ओवर के स्पेल में 27 रन देकर 3 विकेट लिए और न्यूजीलैंड के मध्यक्रम को पूरी तरह से तहस-नहस कर दिया।
न्यूजीलैंड की करारी हार
पहाड़ जैसे लक्ष्य के दबाव और भारतीय गेंदबाजों के सटीक लाइन-लेंथ के सामने न्यूजीलैंड की पूरी टीम बिखर गई। टीम के सलामी बल्लेबाज टिम सीफर्ट ने अकेले संघर्ष करते हुए 52 रनों की पारी खेली, जबकि कप्तान मिचेल सैंटनर ने 43 रन बनाकर थोड़ा प्रतिरोध दिखाने की कोशिश की। लेकिन इन दोनों के अलावा कोई भी अन्य कीवी बल्लेबाज क्रीज पर टिकने की हिम्मत नहीं दिखा सका। एक के बाद एक विकेट गिरते रहे और पूरी न्यूजीलैंड की टीम 19 ओवरों में महज 159 रनों पर ढेर हो गई। भारतीय गेंदबाजों ने खेल के हर विभाग में अपना दबदबा बनाए रखा और न्यूजीलैंड को मैच में वापसी का कोई मौका नहीं दिया।
मैच के मुख्य आंकड़े
इस मुकाबले में बने कुछ बड़े आंकड़ों और प्रदर्शन पर एक नजर डालते हैं, जिसने इस मैच को इतिहास के पन्नों में दर्ज करा दिया:
| खिलाड़ी का नाम | टीम | मुख्य योगदान | बनाया गया रिकॉर्ड |
|---|---|---|---|
| जसप्रीत बुमराह | भारत | 4 ओवर, 15 रन, 4 विकेट | मैन ऑफ द मैच |
| संजू सैमसन | भारत | 89 रन | फाइनल का सबसे बड़ा स्कोर |
| अक्षर पटेल | भारत | 3 ओवर, 27 रन, 3 विकेट | मुख्य स्पिनर का शानदार स्पेल |
| ईशान किशन | भारत | 54 रन | अर्धशतकीय पारी |
| अभिषेक शर्मा | भारत | 52 रन | तेज शुरुआत और अर्धशतक |
| Shivam Dube | भारत | 8 गेंदों पर 26 रन | डेथ ओवरों में तेज बल्लेबाजी |
इस धमाकेदार खिताबी जीत के बाद पूरे भारत में जश्न का माहौल है। अहमदाबाद का स्टेडियम नीली जर्सी पहने प्रशंसकों के जश्न से गूंज उठा। भारतीय टीम का यह प्रदर्शन आने वाले समय में युवा क्रिकेटरों को प्रेरित करता रहेगा। बिना किसी संशय के, यह मुकाबला भारतीय क्रिकेट इतिहास के सबसे सुनहरे पन्नों में दर्ज हो चुका है।








