नई दिल्ली,अंग भारत। महिला आरक्षण को लेकर संसद में प्रस्तावित संवैधानिक संशोधन से पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश की नारी शक्ति को संबोधित करते हुए एक विस्तृत पत्र लिखा है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर यह पत्र साझा करते हुए कहा कि देशभर की माताएं, बहनें और बेटियां वर्ष 2029 से लोकसभा और विधानसभा चुनावों में महिला आरक्षण लागू करने के फैसले का स्वागत कर रही हैं।डॉ. भीमराव आंबेडकर की जयंती के अवसर पर प्रधानमंत्री ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि संविधान के समानता और समावेश के मूल्यों को आगे बढ़ाते हुए 16 अप्रैल से संसद में ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ पर चर्चा शुरू होगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि संसद का पूरा सदन इस ऐतिहासिक संशोधन को पारित करने में सहयोग करेगा। इसके साथ ही उन्होंने देशवासियों, विशेषकर महिलाओं से इस विधेयक के समर्थन में आशीर्वाद और सहयोग की अपील की।
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नारी शक्ति से संवाद: संसद से पहले पीएम की बड़ी पहल
प्रधानमंत्री ने अपने पत्र में कहा कि आज भारत की महिलाएं विज्ञान, नवाचार, खेल, शिक्षा, कला और उद्यमिता जैसे विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कर रही हैं और देश का नाम रोशन कर रही हैं। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि जब हर क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ रही है, तो नीति-निर्माण और विधायी संस्थाओं में भी उनकी हिस्सेदारी सुनिश्चित करना समय की मांग है।
2029 चुनाव से महिला आरक्षण लागू करने पर जोर
उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि भारत में महिलाओं को स्वतंत्रता के साथ ही मतदान का अधिकार मिल गया था, जबकि दुनिया के कई देशों में इसके लिए लंबा संघर्ष करना पड़ा। इसके बावजूद, विधायी संस्थाओं में महिलाओं की भागीदारी अपेक्षित स्तर तक नहीं पहुंच पाई है। ऐसे में महिला आरक्षण इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।प्रधानमंत्री मोदी ने वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए महिलाओं की सक्रिय भागीदारी को अनिवार्य बताया। उन्होंने कहा कि यदि 2029 के चुनाव महिला आरक्षण के साथ होते हैं, तो इससे भारतीय लोकतंत्र और अधिक मजबूत होगा। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि इस दिशा में किसी भी प्रकार की देरी नारी शक्ति के साथ अन्याय के समान होगी।पत्र में उन्होंने महिलाओं से अपील की कि वे अपने-अपने सांसदों को पत्र लिखकर इस विधेयक के समर्थन के लिए प्रेरित करें, ताकि संसद में इसे पारित कराने में व्यापक समर्थन मिल सके। अंत में प्रधानमंत्री ने देशवासियों को आगामी त्योहारों की शुभकामनाएं देते हुए सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।









