बिहार,अंग भारत| बांका जिले के बौंसी में स्थित ऐतिहासिक मंदार पर्वत और पापहरणी सरोवर की सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए जिला प्रशासन ने अब कमर कस ली है। बढ़ते हुए श्रद्धालु फुटफॉल और सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने पापहरणी सरोवर के चारों ओर बैरिकेडिंग के काम को 31 मई तक पूरा करने की समय सीमा तय की है। यह पहल न केवल पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए है, बल्कि पौराणिक महत्व वाले इस स्थल को एक व्यवस्थित पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में भी एक बड़ा कदम है।
सख्ती और सुरक्षा निर्देश
हाल ही में लक्ष्मी नारायण धार्मिक न्यास समिति की बैठक में प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। बैठक की अध्यक्षता एसडीएम राजकुमार ने की, जिसमें लघु सिंचाई विभाग द्वारा किए जा रहे निर्माण कार्यों की कड़ी समीक्षा की गई। प्रशासन ने बैरिकेडिंग कार्य में हो रही अनावश्यक देरी पर नाराजगी जताई और संबंधित एसडीओ को चेतावनी दी है कि काम निर्धारित समय में पूरा नहीं हुआ तो जवाबदेही तय की जाएगी।
- लोहे की जंजीरें: पूरे सरोवर के चारों ओर सुरक्षा घेरा बनाने के लिए मजबूत लोहे की जंजीरों का उपयोग किया जाएगा।
- समय सीमा: 31 मई तक हर हाल में कार्य पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
- दुर्घटनाओं पर रोक: सरोवर की गहराई और किनारों की फिसलन को देखते हुए यह बैरिकेडिंग श्रद्धालुओं को सीधे गहरे पानी में जाने से रोकेगी।
आय में सुधार के उपाय
मंदार पर्वत परिसर की वित्तीय स्थिरता को सुधारने के लिए प्रशासन अब अपनी संपत्तियों के प्रबंधन को लेकर गंभीर है। मंदिर और मेला परिसर के अंतर्गत आने वाली दुकानों के किराए का पुनर्मूल्यांकन किया जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए एक विशेष कमेटी का गठन किया गया है।
“प्रशासन का उद्देश्य केवल सुरक्षा बढ़ाना नहीं, बल्कि मंदिर क्षेत्र के संसाधनों का सही इस्तेमाल करके इसे आत्मनिर्भर बनाना है,” स्थानीय अधिकारियों ने इस बैठक में साझा किया।
यह कमेटी न केवल मौजूदा किराए की समीक्षा करेगी, बल्कि यह भी तय करेगी कि भविष्य में मेले के दौरान दुकानों का आवंटन किस प्रकार हो, ताकि न्यास समिति की आय में वृद्धि हो सके और उस राशि को पुनः विकास कार्यों में लगाया जा सके।
नौका विहार के नियम
पापहरणी सरोवर में पर्यटकों के आकर्षण का मुख्य केंद्र नौका विहार रहा है। हालांकि, पूर्व में सुरक्षा मानकों की अनदेखी के मामले सामने आते रहे हैं। प्रशासन ने अब निर्णय लिया है कि बोटिंग के लिए कड़े नियम लागू किए जाएंगे।
नए बोटिंग प्रोटोकॉल
- प्रत्येक यात्री के लिए लाइफ जैकेट पहनना अनिवार्य होगा।
- नावों की क्षमता से अधिक सवारी बैठाने पर तत्काल लाइसेंस रद्द किया जाएगा।
- नाविकों का पंजीकरण और उनके व्यवहार को लेकर नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी।
- विशेष अवसरों और मेलों के दौरान बोटिंग के समय में बदलाव किया जा सकता है।
प्रशासनिक सक्रियता और परिणाम
इस पूरी बैठक में बीडीओ हर्ष परासर, कार्यपालक पदाधिकारी सोनाली कुमारी और थानाध्यक्ष पंकज झा सहित कई प्रमुख लोग मौजूद रहे। प्रशासन की इस सक्रियता का असर अब जमीनी स्तर पर दिखने लगा है। ऐतिहासिक मंदार पर्वत का कायाकल्प स्थानीय निवासियों और बाहर से आने वाले पर्यटकों के लिए एक बड़ी राहत है।
स्थानीय स्तर पर यह चर्चा है कि अगर ये नियम सही तरीके से लागू किए गए, तो मंदार आने वाले लोगों की संख्या में इजाफा होगा। सुरक्षा, स्वच्छता और बेहतर प्रबंधन किसी भी पर्यटन स्थल की जान होते हैं। यदि प्रशासन 31 मई की डेडलाइन का सख्ती से पालन करता है, तो यह आने वाले पर्यटन सीजन के लिए एक मिसाल साबित होगा।
श्रद्धालुओं को भी सलाह दी जाती है कि वे मंदिर समिति के इन नियमों का पालन करें ताकि पवित्र पापहरणी सरोवर की गरिमा और सुरक्षा दोनों बनी रहे। आने वाले हफ्तों में निर्माण कार्यों की गति ही तय करेगी कि यह सुधार कितने असरदार साबित होते हैं।








