Founder – Mohan Milan

भागलपुर में अपराधियों का तांडव, एक की मौत

भागलपुर, अंग भारत। भागलपुर जिले के सुल्तानगंज नगर परिषद कार्यालय में मंगलवार को दिनदहाड़े हुई गोलीबारी की घटना ने पूरे बिहार को हिलाकर रख दिया है। इस दुखद और जघन्य वारदात में कार्यपालक पदाधिकारी कृष्ण भूषण प्रसाद की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि नगर सभापति राजकुमार गुड्डू गंभीर रूप से घायल होकर मौत से जूझ रहे हैं। यह घटना सरकारी कार्यालयों की सुरक्षा और प्रशासनिक अधिकारियों की असुरक्षा को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े करती है।

दिनदहाड़े दहशत का मंजर

घटना की जानकारी मिलते ही पूरे इलाके में खौफ का साया पसर गया। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि अपराधी किसी सोची-समझी साजिश के तहत सीधे कार्यालय में दाखिल हुए। उनके हाथ में हथियार थे और चेहरे पर कोई नकाब या डर नहीं था। बिना किसी चेतावनी के अचानक गोलियों की तड़तड़ाहट सुनाई दी, जिससे ऑफिस में काम कर रहे कर्मचारियों और वहां मौजूद आम लोगों के बीच भगदड़ मच गई। जान बचाने के लिए लोग कुर्सियों के नीचे छिपे या दफ्तर से बाहर की ओर दौड़े।

पदाधिकारी की दर्दनाक मौत

कार्यपालक पदाधिकारी कृष्ण भूषण प्रसाद के लिए यह दिन आखिरी साबित हुआ। गोली लगते ही वे मौके पर ही गिर पड़े। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, उन्हें संभलने या मदद के लिए चिल्लाने तक का वक्त नहीं मिला। घटनास्थल पर ही उनकी जान चली गई, जिसने सरकारी तंत्र को स्तब्ध कर दिया है। यह सिर्फ एक व्यक्ति की हत्या नहीं, बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था पर सीधा हमला है, जिससे सुल्तानगंज का पूरा प्रशासनिक अमला सहमा हुआ है।

सभापति की नाजुक स्थिति

इस हमले में नगर सभापति राजकुमार गुड्डू को भी निशाना बनाया गया। उन्हें तुरंत स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर हालत देखते हुए भागलपुर के मायागंज अस्पताल रेफर कर दिया। उनकी स्थिति अब भी चिंताजनक बनी हुई है। अस्पताल सूत्रों का कहना है कि डॉक्टरों की टीम चौबीसों घंटे उन पर नजर रखे हुए है, ताकि किसी भी अनहोनी को रोका जा सके।

प्रशासन की त्वरित कार्रवाई

  • घटनास्थल पर पुलिस टीम का तुरंत पहुंचना और इलाके की घेराबंदी करना।
  • फोरेंसिक टीम द्वारा साक्ष्य जुटाना और चश्मदीदों के बयान दर्ज करना।
  • जिले के विभिन्न रास्तों और संभावित ठिकानों पर नाकेबंदी।
  • एसएसपी द्वारा सख्त जांच के आदेश और विशेष टीम का गठन।

जांच और पुलिसिया दबिश

पुलिस अधिकारी अब अपराधियों की पहचान करने के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगाल रहे हैं। स्थानीय लोगों के बीच चर्चा है कि यह रंजिश का मामला हो सकता है, लेकिन पुलिस हर पहलू पर जांच कर रही है। नेवाजी टोला चौक पर एसएसपी के पहुंचने के बाद से पुलिस की सक्रियता काफी बढ़ गई है। संदिग्धों की तलाश में कई जगहों पर छापेमारी की जा रही है, ताकि हत्यारों को जल्द से जल्द कानून के कटघरे में खड़ा किया जा सके।

सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल

सवाल यह उठता है कि आखिर एक सरकारी दफ्तर में अपराधी हथियारों के साथ इतनी आसानी से कैसे घुस गए? सुल्तानगंज नगर परिषद के सुरक्षा इंतजामों की अब कड़ी आलोचना हो रही है। आम जनता में भारी आक्रोश है और लोग सड़कों पर उतरकर आरोपियों की तुरंत गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। प्रशासन ने शांति बनाए रखने की अपील की है, लेकिन इलाके में तनाव अभी भी बरकरार है।

“कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वाले इन अपराधियों को बख्शा नहीं जाएगा। छापेमारी जारी है और हम जल्द ही दोषियों को सलाखों के पीछे करेंगे।” – पुलिस सूत्रों का कहना है।

आने वाले दिन जांच के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण होंगे। जनता अब पुलिस से सिर्फ आश्वासन नहीं, बल्कि ठोस परिणाम देखना चाहती है। सुल्तानगंज की इस घटना ने फिर से यह साबित कर दिया है कि अपराधियों के हौसले किस कदर बुलंद हैं। अब देखना यह है कि क्या पुलिस अपनी साख बचाने में कामयाब हो पाती है या ये मामले भी ठंडे बस्ते में चले जाएंगे।

Facebook
X
Threads
WhatsApp
Telegram
Picture of अंग भारत • रिपोर्टर

अंग भारत • रिपोर्टर

‘अंग भारत’ एक हिंदी दैनिक समाचार पत्र है, जो मिलन ग्रुप द्वारा संचालित एक बहुआयामी मीडिया संगठन का हिस्सा है। हमारा कॉर्पोरेट कार्यालय बिहार के ऐतिहासिक अंग प्रदेश के पवित्र स्थान बांका में स्थित है। हमारा उद्देश्य निष्पक्ष, विश्वसनीय और जनहित से जुड़ी खबरों को पाठकों तक पहुंचाना है।”

Related Posts
Recent Posts
App Icon