कोलकाता,अंग भारत। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों ने राज्य की सियासत में बड़ा बदलाव संकेत दिया है। मतगणना के दौरान सामने आए रुझानों के अनुसार भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने दमदार प्रदर्शन करते हुए बहुमत से काफी आगे बढ़त बना ली। रात करीब नौ बजे तक 293 सीटों में से भाजपा 208 सीटों पर जीत या बढ़त हासिल कर चुकी थी, जबकि तृणमूल कांग्रेस करीब 79 सीटों तक सीमित नजर आई।भाजपा के कई दिग्गज नेताओं ने इस चुनाव में शानदार प्रदर्शन किया। मेदिनीपुर के खड़गपुर सदर सीट से वरिष्ठ नेता दिलीप घोष ने मजबूत बढ़त बनाई। 2019 के लोकसभा चुनाव में राज्य में पार्टी की सफलता में अहम भूमिका निभाने वाले घोष ने 2024 की हार के बाद इस बार प्रभावी वापसी की है।
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नंदीग्राम में शुभेंदु की जीत, भवानीपुर में कड़ी टक्कर
राज्य के नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम सीट पर तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार पवित्र कर को हराकर जीत दर्ज की। वहीं भवानीपुर सीट पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ उनका मुकाबला बेहद कांटे का रहा। हालांकि कुछ राउंड की मतगणना बाकी रहने तक इस सीट पर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो सकी थी।
कई सीटों पर भाजपा उम्मीदवारों का दबदबा
पानिहाटी सीट पर भाजपा ने आर.जी. कर मामले की पीड़िता की मां को उम्मीदवार बनाया, जिन्होंने तृणमूल कांग्रेस के तीर्थंकर घोष के खिलाफ बढ़त बनाई। हावड़ा के शिवपुर सीट से रुद्रनील घोष ने जीत हासिल की।दक्षिण 24 परगना की सोनारपुर दक्षिण सीट से रूपा गांगुली ने तृणमूल की अरुंधती मैत्र को हराकर जीत दर्ज की। वहीं रासबिहारी सीट से स्वपन दासगुप्ता ने देवाशीष कुमार को पराजित किया।मानिकतला सीट से तापस रॉय ने श्रेया पांडे को हराया, जबकि नोआपाड़ा सीट से अर्जुन सिंह ने बढ़त बनाए रखी। आसनसोल दक्षिण से अग्निमित्रा पाल ने तृणमूल के तापस बनर्जी को बड़े अंतर से हराया।
उत्तर बंगाल में भी मजबूत प्रदर्शन
कूचबिहार जिले की माथाभांगा सीट से निशीथ प्रमाणिक ने शानदार जीत दर्ज की। सिलीगुड़ी से शंकर घोष ने तृणमूल उम्मीदवार को हराया, जबकि बरानगर सीट से सजल घोष ने सायंतिका बनर्जी को पराजित किया। राजारहाट-गोपालपुर सीट से तरुणज्योति तिवारी ने कड़ी टक्कर में जीत दर्ज की।
कुछ सीटों पर झटका भी लगा
हालांकि सभी सीटों पर भाजपा को सफलता नहीं मिली। कोलकाता पोर्ट सीट से राकेश सिंह को तृणमूल के फिरहाद हकीम के हाथों हार का सामना करना पड़ा। वहीं एंटाली सीट से प्रियंका टिबरेवाल भी जीत दर्ज नहीं कर सकीं और तृणमूल के संदीपन साहा ने उन्हें पराजित किया।
बदलते सियासी समीकरण का संकेत
इन नतीजों से साफ है कि भाजपा ने राज्य में अपनी पकड़ मजबूत की है और कई बड़े नेताओं ने प्रभावी प्रदर्शन किया है। हालांकि कुछ क्षेत्रों में पार्टी को निराशा भी हाथ लगी, लेकिन कुल मिलाकर यह चुनाव पश्चिम बंगाल की राजनीति में नए समीकरणों की शुरुआत का संकेत देता है।










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