नई दिल्ली,अंग भारत। पश्चिम एशिया में जारी तनाव और वैश्विक ऊर्जा संकट के बावजूद भारत में पेट्रोल की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं। केंद्र सरकार ने शुक्रवार को कहा कि देश में पेट्रोल की औसत कीमत लगभग 94.77 रुपये प्रति लीटर है, जबकि जर्मनी, फ्रांस और यूनाइटेड किंगडम जैसे देशों में पेट्रोल की कीमत करीब 200 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच चुकी है।
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हॉर्मुज जलडमरूमध्य भारत के लिए बेहद अहम
नई दिल्ली में आयोजित अंतर-मंत्रालयी प्रेस वार्ता में पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने कहा कि दुनिया की करीब 20 फीसदी ऊर्जा आपूर्ति हॉर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजरती है। ऐसे में पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव भारत के लिए भी चिंता का विषय है।उन्होंने बताया कि भारत अपने कच्चे तेल का लगभग 40 फीसदी, एलपीजी का 90 फीसदी और प्राकृतिक गैस का 65 फीसदी हिस्सा मध्य-पूर्वी देशों से आयात करता है। इसके बावजूद सरकार ने घरेलू बाजार में कीमतों को नियंत्रित रखने के लिए कई कदम उठाए हैं।
कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल
सुजाता शर्मा ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें लगभग 70 डॉलर प्रति बैरल से बढ़कर 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई हैं। एलपीजी की कीमतों में भी तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसके बावजूद उपभोक्ताओं पर बोझ कम रखने के लिए केंद्र सरकार ने उत्पाद शुल्क में कटौती की और तेल विपणन कंपनियों को राहत देने के उपाय किए।उन्होंने कहा कि सरकार ने एलपीजी उत्पादन बढ़ाने, पीएनजी कनेक्शन को प्रोत्साहित करने और गैस की स्थिर आपूर्ति बनाए रखने पर भी जोर दिया है। इसका असर यह हुआ कि देश में किसी भी एलपीजी वितरक को कमी की समस्या का सामना नहीं करना पड़ा।
खाड़ी देशों के साथ लगातार संपर्क में भारत
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के निर्देश पर भारत सरकार खाड़ी देशों के साथ लगातार उच्चस्तरीय संपर्क बनाए हुए है। विदेश मंत्री और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल की यूएई यात्राओं के बाद विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने भी संयुक्त अरब अमीरात का दौरा किया।उन्होंने बताया कि इस दौरान व्यापार, निवेश, रक्षा, फिनटेक, स्वास्थ्य सेवा और पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति को लेकर चर्चा हुई। भारत-फ्रांस-यूएई त्रिपक्षीय बैठक में भी साझेदारी को और मजबूत करने पर सहमति बनी।
भारतीय नाविकों की सुरक्षा पर विशेष नजर
बंदरगाह, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के निदेशक ओपेश कुमार शर्मा ने कहा कि सरकार समुद्री संचालन और भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर लगातार निगरानी कर रही है। उन्होंने बताया कि पिछले 48 घंटों में किसी भारतीय जहाज या भारतीय नाविक से जुड़ी कोई गंभीर घटना सामने नहीं आई है।सरकार की ओर से स्थापित कंट्रोल रूम अब तक 8,700 से अधिक कॉल और 19 हजार से ज्यादा ईमेल संभाल चुका है। मंत्रालय ने अब तक 3,000 से अधिक भारतीय नाविकों की सुरक्षित वापसी में मदद की है।
विदेश मंत्रालय ने बनाया विशेष कंट्रोल रूम
विदेश मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव असीम आर. महाजन ने कहा कि खाड़ी और पश्चिम एशिया क्षेत्र में रहने वाले भारतीयों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए विशेष कंट्रोल रूम सक्रिय किया गया है, जो भारतीय नागरिकों और उनके परिवारों की सहायता कर रहा है।









