नोएडा से असम जा रहे कंटेनर से हुई थी करोड़ों के मोबाइल की चोरी
अररिया,अंग भारत। अररिया पुलिस को करोड़ों रुपये के मोबाइल चोरी मामले में बड़ी सफलता मिली है। इस मामले के मास्टरमाइंड माने जा रहे हरियाणा के नूंह निवासी मोहम्मद नईम को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर करीब तीन करोड़ रुपये कीमत के 620 मोबाइल, 6 लाख 97 हजार रुपये नकद, घटना में इस्तेमाल किया गया डाक पार्सल लिखा कंटेनर और एक स्कॉर्पियो भी बरामद की है।रविवार को नगर थाना में आयोजित प्रेसवार्ता में एसडीपीओ सुशील कुमार ने बताया कि यह मामला नोएडा से गुवाहाटी जा रहे कंटेनर से महंगे मोबाइल और मोबाइल पार्ट्स गायब होने का है। इस मामले में पहले भी कई आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी थी, लेकिन पूरे गिरोह का सरगना पुलिस की पकड़ से बाहर था। अब उसे भी हरियाणा के नूंह से गिरफ्तार कर लिया गया है।
दूसरे मास्टरमाइंड की तलाश जारी
एसडीपीओ ने बताया कि इस पूरे नेटवर्क में एक और बड़ा आरोपी शामिल है। उसकी गिरफ्तारी के लिए अररिया पुलिस की एक टीम अभी भी हरियाणा में डेरा डाले हुए है। पुलिस को उम्मीद है कि जल्द ही उसे भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।उन्होंने कहा कि इस गिरोह का तरीका काफी शातिर था। यह लोग दिल्ली और आसपास के इलाकों से ट्रांसपोर्ट के जरिए अलग-अलग राज्यों में भेजे जाने वाले महंगे मोबाइलों को रास्ते में ही गायब कर देते थे और फिर उन्हें दूसरे माध्यम से ठिकाने लगा देते थे।
पहले से कई मामलों में वांटेड है नईम
पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार मोहम्मद नईम का आपराधिक रिकॉर्ड पहले से रहा है। हरियाणा के फरीदाबाद में उस पर पांच हजार रुपये का इनाम घोषित था। इसके अलावा आंध्र प्रदेश के कुरनूल में भी वह एक मामले में वांटेड रहा है। हालांकि उस केस में फिलहाल वह जमानत पर बाहर था।पुलिस अब उसके पुराने मामलों की भी जानकारी जुटा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि उसने और किन-किन राज्यों में इस तरह की वारदातों को अंजाम दिया है।
ऐसे दिया गया चोरी की वारदात को अंजाम
पुलिस जांच में सामने आया कि ग्रेटर नोएडा से 6 जून को एक कंटेनर गुवाहाटी के लिए रवाना हुआ था। कंटेनर में ओप्पो और वनप्लस कंपनी के महंगे मोबाइल और उनके पार्ट्स लदे हुए थे। कंटेनर को हरियाणा के पलवल निवासी चालक मोहम्मद साहिब और खलासी मोहम्मद तालीम चला रहे थे।रास्ते में उत्तर प्रदेश के गोरखपुर के पास चालक और खलासी ने गिरोह के अन्य सदस्यों के साथ मिलकर कंटेनर का लॉक और सील तोड़ दिया। इसके बाद मोबाइल के बॉक्स निकालकर पहले से तैयार डाक पार्सल लिखे दूसरे कंटेनर में रख दिए गए। पूरी वारदात बेहद सुनियोजित तरीके से की गई ताकि किसी को शक न हो।
खाली कंटेनर अररिया में छोड़कर फरार हुए आरोपी
मोबाइल निकालने के बाद खाली कंटेनर को अररिया के जीरोमाइल के पास एक पेट्रोल पंप के नजदीक खड़ा कर दिया गया। जब कंटेनर की जांच हुई तो उसमें मौजूद 1143 मोबाइल पैकेटों में से सिर्फ 531 पैकेट ही सुरक्षित मिले, जबकि 612 पैकेट गायब थे।इसके बाद ट्रांसपोर्टर ने नगर थाना में मामला दर्ज कराया। शिकायत मिलते ही पुलिस अधीक्षक जितेंद्र कुमार ने एक विशेष जांच टीम (एसआईटी) बनाई और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी।
पहले भी हो चुकी है बड़ी बरामदगी
इस मामले में पुलिस पहले भी बड़ी कार्रवाई कर चुकी है। इससे पहले 817 मोबाइल बरामद किए जा चुके हैं। साथ ही हरियाणा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश पुलिस की मदद से चार अंतरराज्यीय बदमाशों को गिरफ्तार किया गया था।उस कार्रवाई में पुलिस ने एक थार, एक सियाज कार, एक लैपटॉप और सीपी प्लस कंपनी का डीवीआर भी जब्त किया था। गिरफ्तारियां दिल्ली, मथुरा, नूंह और पलवल समेत कई जगहों पर छापेमारी कर की गई थीं।
बाकी मोबाइल बरामद करने में जुटी पुलिस
एसडीपीओ सुशील कुमार ने कहा कि पुलिस की कार्रवाई अभी खत्म नहीं हुई है। इस गिरोह से जुड़े बाकी आरोपियों की तलाश जारी है और चोरी हुए बचे हुए मोबाइल बरामद करने के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।उन्होंने भरोसा दिलाया कि इस पूरे नेटवर्क से जुड़े सभी लोगों को गिरफ्तार किया जाएगा और चोरी का बाकी सामान भी जल्द बरामद कर लिया जाएगा। फिलहाल मास्टरमाइंड की गिरफ्तारी को इस पूरे मामले में पुलिस की सबसे बड़ी सफलता माना जा रहा है।











