कोलकाता,अंग भारत। पश्चिम बंगाल में बुधवार को मौसम मुख्य रूप से बादलों से ढका रहने का अनुमान है और राज्य के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की जाएगी। मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी के कारण राज्य के दक्षिणी और उत्तरी दोनों क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की पूरी संभावना है, जिससे तापमान 31 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना रहेगा, लेकिन उच्च आर्द्रता के कारण लोगों को भारी उमस और बेचैनी महसूस होगी।
तापमान और उमस
बुधवार को बंगाल का अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का पूर्वानुमान है। आंकड़ों पर नजर डालें तो हवा में नमी की मात्रा 83 से 85 प्रतिशत तक बनी रहेगी। यह स्थिति चिपचिपी गर्मी का कारण बनती है, जिससे आम लोगों को सामान्य से अधिक पसीना आने और भारी घुटन महसूस हो सकती है। सुबह से ही आसमान में घने बादलों का डेरा रहेगा, जो सूरज की तपिश को तो रोकेंगे लेकिन उमस को और बढ़ा देंगे।
दक्षिण बंगाल का पूर्वानुमान
दक्षिण बंगाल के निवासियों के लिए मौसम का मिजाज मिला-जुला रहेगा। निम्नलिखित जिलों में दिन भर बादल छाए रहेंगे और कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की प्रबल संभावना है:
- कोलकाता, हावड़ा और हुगली
- उत्तर एवं दक्षिण 24 परगना
- पूर्व एवं पश्चिम मेदिनीपुर
- झाड़ग्राम और बांकुड़ा
- पुरुलिया, पूर्व और पश्चिम बर्दवान
- बीरभूम, नदिया और मुर्शिदाबाद
इन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सलाह दी जाती है कि वे बाहर निकलते समय छाता या रेनकोट साथ रखें, क्योंकि अचानक होने वाली बारिश कभी भी सामान्य जीवन को बाधित कर सकती है।
उत्तर बंगाल की स्थिति
उत्तर बंगाल के जिलों में मौसम की स्थिति थोड़ी अलग है। दार्जिलिंग, कालिम्पोंग, जलपाईगुड़ी, अलीपुरद्वार, कूचबिहार, उत्तर दिनाजपुर, दक्षिण दिनाजपुर तथा मालदा में रुक-रुक कर बारिश होने की संभावना है। पर्वतीय क्षेत्रों की भौगोलिक स्थिति के कारण दार्जिलिंग और कालिम्पोंग में अन्य मैदानी इलाकों की तुलना में बारिश की तीव्रता अधिक रह सकती है। पहाड़ी इलाकों में रहने वाले पर्यटकों और स्थानीय लोगों को भूस्खलन जैसी स्थितियों के प्रति सतर्क रहना चाहिए।
सावधानी और सुरक्षा
मौसम विभाग ने आम जनता के लिए सुरक्षा संबंधी निर्देश जारी किए हैं। गरज-चमक के दौरान बरती जाने वाली सावधानियां जीवन रक्षक साबित हो सकती हैं:
- खुले मैदानों में न रहें और पेड़ों के नीचे शरण लेने की गलती न करें।
- बिजली के खंभों, ट्रांसफार्मर या धातु के तारों के नजदीक बिल्कुल न जाएं।
- यदि आप बाहर हैं, तो किसी पक्के मकान या सुरक्षित शेल्टर के अंदर चले जाएं।
- इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का उपयोग गरज के समय सावधानी से करें।
कृषि पर प्रभाव
मौसम विभाग ने राज्य के किसानों के लिए विशेष परामर्श जारी किया है। वर्तमान में खेती के जो कार्य चल रहे हैं, उन्हें मौसम की अनिश्चितता को देखते हुए ही पूरा किया जाना चाहिए। जिन क्षेत्रों में मध्यम बारिश की संभावना है, वहां जल निकासी की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने की सलाह दी गई है, ताकि फसलों को नुकसान न पहुंचे। भारी वर्षा और तेज हवाओं के बीच कीटनाशकों या उर्वरकों का छिड़काव करने से बचें, क्योंकि बारिश के कारण इनका प्रभाव कम हो सकता है।
मौसम का डेटा
| पैरामीटर | अनुमानित मान |
|---|---|
| अधिकतम तापमान | 31°C |
| न्यूनतम तापमान | 27°C |
| हवा में नमी | 83% – 85% |
| वर्षा की संभावना | हल्की से मध्यम |
मौसम की इस स्थिति के दौरान अपनी और अपने परिवार की सेहत का ध्यान रखना सबसे महत्वपूर्ण है। उमस के कारण डिहाइड्रेशन (पानी की कमी) की समस्या हो सकती है, इसलिए पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थों का सेवन करें। प्रशासन की ओर से लगातार स्थिति पर नजर रखी जा रही है ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति में तुरंत सहायता पहुंचाई जा सके।








