धोरैया/बांका,अंगभारत। धोरैया प्रखंड के सादपुर गांव निवासी रमेश कुमार सिंह के छोटे पुत्र सुशांत शेखर सिंह का चयन बिहार पुलिस में हुआ है।बेटे की इस सफलता से पूरे परिवार और गांव में खुशी का माहौल है।सुशांत की सफलता को लोग संघर्ष, मेहनत और हौसले की मिसाल बता रहे हैं।कल फाइनल मेरिट लिस्ट आने के बाद परिवार में ख़ुशी का माहौल है|
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गांव के स्कूल से शुरू हुई पढ़ाई
सुशांत की प्रारंभिक शिक्षा गांव के ही सरकारी विद्यालय में हुई, जबकि इंटर तक की पढ़ाई उन्होंने त्रिभुवन एकेडमी लहौरिया पैर से पूरी की। उन्होंने बताया कि उनके पिता पेशे से किसान हैं और बड़े भाई एमआर का काम करते हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति साधारण होने के बावजूद माता-पिता ने कभी पढ़ाई में कमी नहीं आने दी।
मां की मौत ने तोड़ दिया था हौसला
सुशांत ने भावुक होते हुए बताया कि पुलिस दौड़ से ठीक चार दिन पहले उनकी मां का निधन हो गया था। इस घटना ने उन्हें अंदर से पूरी तरह झकझोर दिया था। उन्होंने कहा कि उस समय उनकी हिम्मत जवाब दे चुकी थी और दौड़ में जाने का मन नहीं था।लेकिन पिता, बड़े भाई और दोस्तों ने उनका हौसला बढ़ाया और मां के सपनों को याद दिलाकर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। सुशांत ने कहा कि मां का सपना ही उनकी ताकत बना और उसी हिम्मत के सहारे उन्होंने दौड़ पूरी की।
चयन की खबर सुन परिवार की आंखें हुई नम
बिहार पुलिस में अंतिम सूचि में नाम आने की खबर मिलते ही परिवार की आंखें खुशी से भर आईं। सुशांत ने कहा कि अगर मां आज जिंदा होतीं तो सबसे ज्यादा खुश वही होतीं। उन्होंने कहा कि मेहनत और संघर्ष कभी बेकार नहीं जाते।
ईमानदारी से करेंगे देश और समाज की सेवा
सुशांत ने कहा कि सरकार और विभाग उन्हें जो भी जिम्मेदारी देगा, उसका वह पूरी ईमानदारी से निर्वहन करेंगे। उन्होंने कहा कि वह हमेशा जनहित और संविधान के मूल्यों को सर्वोपरि रखेंगे।
गांव में बधाइयों का दौर
सुशांत की सफलता पर गांव और आसपास के लोगों ने परिवार को बधाई दी है। स्थानीय लोगों ने कहा कि सुशांत ने यह साबित कर दिया कि कठिन परिस्थितियों में भी मेहनत और लगन से हर मंजिल हासिल की जा सकती है।












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