मैड्रिड (स्पेन), अंग भारत। स्पेन के कैनरी द्वीप समूह के टेनेरिफ के पास एक डच क्रूज शिप में हंटा वायरस के फैलने की खबर से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ गई है। जहाज पर 100 से अधिक लोग सवार हैं और संदिग्ध संक्रमण के बाद विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने स्थिति पर नजर तेज कर दी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक डॉ. टेड्रोस अधानोम घेब्रेयसस स्वयं टेनेरिफ पहुंचे हैं।बताया जा रहा है कि जहाज पर आठ लोगों में हंटा वायरस संक्रमण के संदिग्ध मामले पाए गए हैं, जबकि तीन लोगों की मौत हो चुकी है। हालांकि जहाज के मालिकों का कहना है कि फिलहाल शेष यात्रियों और क्रू में किसी प्रकार के लक्षण नहीं दिखाई दिए हैं। जहाज पर कुल 147 लोग मौजूद हैं, जिनमें 60 क्रू सदस्य भी शामिल हैं।डब्ल्यूएचओ प्रमुख ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि घबराने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि हंटा वायरस कोविड-19 जैसा नहीं है और इसकी प्रकृति अलग है। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी की यादें अभी भी लोगों के मन में ताजा हैं, इसलिए चिंता होना स्वाभाविक है, लेकिन फिलहाल स्थानीय आबादी के लिए जोखिम बेहद कम माना जा रहा है।
Read more………….होर्मुज में बढ़ा तनाव, अमेरिका-ईरान आमने-सामने
WHO ने कहा- कोविड जैसी स्थिति नहीं
टेनेरिफ पहुंचने के बाद डॉ. टेड्रोस ने कहा कि यह बीमारी कोविड महामारी जैसी नहीं है और इसे उसी नजरिए से देखने की जरूरत नहीं है। उन्होंने बताया कि एहतियात के तौर पर यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालने की तैयारी की जा रही है।अधिकारियों के अनुसार, यह डच झंडे वाला क्रूज शिप रविवार सुबह टेनेरिफ पहुंच सकता है। यात्रियों को छोटे नावों की मदद से जहाज से बाहर लाकर हवाई अड्डे तक पहुंचाया जाएगा। इसके बाद अलग-अलग देशों के लिए विशेष उड़ानों की व्यवस्था की जाएगी।डब्ल्यूएचओ के मुताबिक, यात्रियों को वायरस के संभावित संपर्क के बाद 42 दिनों तक आइसोलेशन में रखा जा सकता है। बताया गया है कि यूरोपीय संघ के देशों के लिए छह विशेष उड़ानें और गैर-ईयू देशों के लिए चार उड़ानों की तैयारी की जा रही है। जहाज पर 17 अमेरिकी नागरिक भी सवार हैं।
दक्षिण अमेरिका यात्रा से जुड़ा संक्रमण का शक
जानकारी के मुताबिक यह क्रूज शिप एक अप्रैल को अर्जेंटीना से रवाना हुआ था और दक्षिण अटलांटिक महासागर के कई दूरदराज द्वीपों पर रुका था। इनमें ट्रिस्टन दा कुन्हा और सेंट हेलेना जैसे ब्रिटिश क्षेत्र भी शामिल हैं।प्रारंभिक जांच में माना जा रहा है कि संक्रमण की शुरुआत एक डच दंपति से हुई हो सकती है, जिन्होंने कुछ महीने पहले दक्षिण अमेरिका की यात्रा की थी। स्वास्थ्य एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि वायरस जहाज पर किस तरह फैला।विशेषज्ञों का कहना है कि हंटा वायरस दुर्लभ जरूर है, लेकिन यह गंभीर बीमारी पैदा कर सकता है। यह वायरस आमतौर पर संक्रमित चूहों और कृन्तकों के संपर्क से फैलता है। फिलहाल स्पेन और डब्ल्यूएचओ की टीमें संयुक्त रूप से हालात पर नजर बनाए हुए हैं।










