वाशिंगटन,अंग भारत। इजराइल और लेबनान के बीच जारी बातचीत के अगले दौर की तारीख और जगह में बदलाव किया गया है। अगले सप्ताह रोम में प्रस्तावित बैठक अब अक्टूबर तक टाल दी गई है। इसके बजाय दोनों देशों के राजदूत वाशिंगटन में अमेरिकी विदेश मंत्रालय में मुलाकात करेंगे। बैठक में जून में हुए फ्रेमवर्क समझौते को लागू करने और इजराइली सेना की लेबनान से वापसी के मुद्दे पर चर्चा होगी।तुर्किए की सरकारी समाचार एजेंसी अनाडोलू ने एक अमेरिकी अधिकारी के हवाले से बताया कि बैठक में जून में हुए समझौते से जुड़े हालिया घटनाक्रम और उसके क्रियान्वयन की प्रक्रिया पर विचार किया जाएगा। औपचारिक वार्ता का अगला दौर अक्टूबर में रोम में होने की संभावना है।
प्रमुख प्रतिभागियों के लिए अगले सप्ताह रोम पहुंचना मुश्किल
एक सूत्र के अनुसार, यहूदी धार्मिक छुट्टियों, लेबनानी सशस्त्र बलों के समर्थन में होने वाले पेरिस कॉन्फ्रेंस और संयुक्त राष्ट्र महासभा की तैयारियों के कारण प्रमुख प्रतिभागियों का अगले सप्ताह रोम में जुटना संभव नहीं था। बैठक के कार्यक्रम में बदलाव को लेकर अभी इजराइल या लेबनान की सरकार की ओर से कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की गई है।
अप्रैल से हो चुके हैं सात दौर
इजराइल और लेबनान के बीच अप्रैल से अब तक सीधे बातचीत के सात दौर हो चुके हैं। इनमें पांच बैठकें वाशिंगटन और दो रोम में हुई हैं। छठे दौर की बातचीत में इजराइली सेना की वापसी शुरू करने के लिए दो ‘पायलट क्षेत्रों’ की पहचान पर शुरुआती सहमति बनी थी।प्रस्तावित फ्रेमवर्क के तहत लेबनानी सेना की तैनाती के बदले इजराइल को कब्जे वाले लेबनानी क्षेत्रों से चरणबद्ध तरीके से पीछे हटना है। दक्षिणी लेबनान में लेबनानी सेना की तैनाती के साथ इजराइली सेना की क्रमिक वापसी का प्रावधान है। इसकी शुरुआत दो पायलट क्षेत्रों में मॉडल के तौर पर किए जाने की योजना है।
लेबनानी सेना ने लगाए समझौते के उल्लंघन के आरोप
वार्ता में यह बदलाव ऐसे समय हुआ है जब लेबनानी सेना ने बुधवार को दावा किया कि 26 जून को फ्रेमवर्क समझौते पर हस्ताक्षर होने के बाद से इजराइल ने करीब 7,700 बार समझौते का उल्लंघन किया है। सेना ने चेतावनी दी कि लगातार हो रहे कथित उल्लंघन मौजूदा समझौतों और सुरक्षा व्यवस्थाओं के लिए खतरा पैदा कर रहे हैं।इजराइल दक्षिणी लेबनान के कुछ क्षेत्रों में लंबे समय से मौजूद है। वहीं, 2023-24 के युद्ध के बाद उसकी सैन्य मौजूदगी कुछ अन्य इलाकों में भी बढ़ी है। लेबनानी क्षेत्र में इजराइली हमले और सैन्य गतिविधियां जारी रहने से दोनों देशों के बीच तनाव बना हुआ है।
हिज्बुल्लाह वार्ता के खिलाफ
दूसरी ओर, लेबनानी रेजिस्टेंस ग्रुप हिज्बुल्लाह लगातार बातचीत का विरोध कर रहा है। उसने लेबनानी सरकार से वार्ता रोकने की अपील भी की है। ऐसे में अक्टूबर में प्रस्तावित रोम वार्ता महत्वपूर्ण होगी। इससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि दोनों पक्ष फ्रेमवर्क समझौते को लागू करने की दिशा में कितना आगे बढ़ पाते हैं।








