फिरोजाबाद,अंग भारत। लखनऊ से दिल्ली जा रही शताब्दी एक्सप्रेस पर उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले में अज्ञात उपद्रवियों द्वारा पथराव किया गया, जिससे ट्रेन में सवार यात्रियों में हड़कंप मच गया। राहत की बात यह रही कि इस घटना में कोई भी यात्री घायल नहीं हुआ। सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की है कि उसी समय राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत भी ट्रेन के उसी कोच में यात्रा कर रहे थे। हालांकि, वे पूरी तरह सुरक्षित हैं और घटना के तुरंत बाद ट्रेन को सुरक्षित गंतव्य के लिए रवाना कर दिया गया।
घटना का विवरण
घटना गुरुवार शाम की है। शताब्दी एक्सप्रेस जब फिरोजाबाद के मक्खनपुर और फिरोजाबाद रेलवे स्टेशनों के बीच पैमेश्वर गेट के पास से गुजर रही थी, तभी अचानक कुछ असामाजिक तत्वों ने ट्रेन पर पत्थरों की बौछार कर दी। अचानक हुए इस हमले से ट्रेन के यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। ट्रेन की रफ्तार अधिक होने के कारण यात्रियों को लगा कि किसी तकनीकी खराबी के कारण आवाज हुई है, लेकिन शीशा टूटने के बाद हकीकत सामने आई।
मोहन भागवत की यात्रा
संघ प्रमुख मोहन भागवत कानपुर में आयोजित एक कार्यक्रम में शिरकत करने के बाद दिल्ली वापस लौट रहे थे। रेलवे के रिकॉर्ड के अनुसार, वे ट्रेन के ई-1 कोच में सीट संख्या 39 और 40 पर मौजूद थे। घटना के समय वे अपने निर्धारित स्थान पर ही थे। सुरक्षा के लिहाज से यह एक संवेदनशील मामला बन गया, लेकिन गनीमत रही कि हमले का केंद्र वह हिस्सा नहीं था जहां वे बैठे थे। उनकी सुरक्षा टीम ने भी तुरंत स्थिति का जायजा लिया और उन्हें सुरक्षित बताया।
कोच को नुकसान
पथराव की चपेट में आने से कोच की बाहरी खिड़की का शीशा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। ट्रेन जब टुंडला स्टेशन पर रुकी, तो वहां रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) की टीम पहले से ही मुस्तैद थी। आरपीएफ निरीक्षक अवधेश गोस्वामी के नेतृत्व में टीम ने कोच का बारीकी से मुआयना किया। जांच में स्पष्ट हुआ कि पथराव बाहर से किया गया था और शीशा टूटने के बावजूद अंदर मौजूद यात्रियों को कोई चोट नहीं आई।
- घटनास्थल: पैमेश्वर गेट, फिरोजाबाद।
- प्रभावित कोच: शताब्दी एक्सप्रेस (ई-1)।
- नुकसान: कोच का बाहरी शीशा टूटा।
- घायलों की संख्या: शून्य।
पुलिस की जांच
घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए स्थानीय पुलिस प्रशासन ने तुरंत एक्शन लिया है। फिरोजाबाद के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आदित्य लांग्हे ने बताया कि अपराधियों को पकड़ने के लिए सात अलग-अलग टीमों का गठन किया गया है। पुलिस निम्नलिखित स्तरों पर जांच कर रही है:
- सीसीटीवी फुटेज: घटनास्थल के पास लगे कैमरों को खंगाला जा रहा है।
- तकनीकी साक्ष्य: फोन लोकेशन और संदिग्धों के मूवमेंट की जांच।
- खुफिया इनपुट: स्थानीय खुफिया इकाई (एलआईयू) से जानकारी ली जा रही है।
सुरक्षा पर सवाल
अक्सर पटरियों के आसपास रहने वाले असामाजिक तत्व चलती ट्रेनों पर पत्थर फेंकते हैं, जो एक गंभीर अपराध है। इस बार निशाना एक प्रमुख हस्ती होने के कारण प्रशासन अतिरिक्त सतर्कता बरत रहा है। हालांकि, यह घटना ट्रेनों में सफर करने वाले आम यात्रियों की सुरक्षा पर भी एक बड़ा सवाल खड़ा करती है। रेलवे प्रशासन अब ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए पटरियों के किनारे सुरक्षा घेरा बढ़ाने और गश्त तेज करने पर विचार कर रहा है।
आरोपी जल्द गिरफ्तार
पुलिस का दावा है कि इस घटना के पीछे के दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। सीसीटीवी फुटेज से कुछ सुराग मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। पुलिस ने आसपास के गांवों में भी पूछताछ शुरू कर दी है ताकि उपद्रवियों की पहचान की जा सके। फिलहाल, टुंडला स्टेशन पर जांच पूरी होने के बाद ट्रेन को सुरक्षित दिल्ली के लिए आगे रवाना कर दिया गया है।








