Founder – Mohan Milan

राहत की खबर,विक्रमशिला सेतु पर बेली ब्रिज का हुआ उद्घाटन,भागलपुर से पुनः जुड़ गया कोशी सिमांचल

भागलपुर, अंग भारत। लगभग एक महीने के लंबे अंतराल के बाद, भागलपुर और कोशी-सीमांचल को जोड़ने वाली जीवनरेखा, विक्रमशिला सेतु पर छोटे वाहनों का परिचालन रविवार को फिर से शुरू हो गया है। बिहार सरकार के पथ निर्माण मंत्री इंजीनियर कुमार शैलेंद्र द्वारा बेली ब्रिज का विधिवत उद्घाटन करने के साथ ही इस मार्ग पर छाया संकट समाप्त हो गया है। 3 मई की रात से ही यह सेतु तकनीकी कारणों से बंद था, जिससे हजारों यात्रियों और व्यापारियों को भीषण गर्मी में अतिरिक्त समय और ईंधन खर्च करके वैकल्पिक रास्तों का सहारा लेना पड़ रहा था। अब इस अस्थायी बेली ब्रिज के बनने से यातायात की गति फिर से पटरी पर लौट आई है।

यातायात का संकट और राहत

विक्रमशिला सेतु केवल एक सड़क मार्ग नहीं है, बल्कि यह भागलपुर को पूर्णिया, सहरसा, मधेपुरा और कटिहार जैसे जिलों से जोड़ने वाला इकलौता मुख्य माध्यम है। पिछले एक महीने में स्थानीय निवासियों ने काफी मुश्किलों का सामना किया है।

  • समय की बचत: जो दूरी घंटों में तय हो रही थी, वह अब फिर से मिनटों में सिमट गई है।
  • व्यापार को गति: कोशी क्षेत्र से भागलपुर आने वाले थोक व्यापारियों को सबसे अधिक राहत मिली है।
  • स्वास्थ्य सुविधाएं: आपातकालीन स्थिति में मरीजों को अब घंटों जाम में नहीं फँसना पड़ेगा।

उद्घाटन समारोह का विवरण

उद्घाटन समारोह में बिहार सरकार के आला अधिकारी और प्रशासनिक प्रतिनिधि मौजूद थे। पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल और भागलपुर के जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी की उपस्थिति ने यह स्पष्ट किया कि सरकार इस परियोजना को कितनी प्राथमिकता दे रही थी।

“इस बेली ब्रिज का निर्माण मात्र एक प्रशासनिक काम नहीं था, बल्कि यह क्षेत्र के लाखों लोगों की भावनाओं से जुड़ा मुद्दा था,” स्थानीय प्रशासन ने अपनी संक्षिप्त प्रतिक्रिया में कहा।

इस अवसर पर वरीय पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार ने सुरक्षा और ट्रैफिक मैनेजमेंट के दिशा-निर्देश भी जारी किए, ताकि पुल पर किसी भी तरह की जाम की स्थिति न बने और यातायात सुचारू रूप से चलता रहे।

अभियंताओं का विशेष सम्मान

बेली ब्रिज का निर्माण रिकॉर्ड समय में पूरा करने के पीछे बीआरओ (Border Roads Organization) की कड़ी मेहनत रही है। मंत्री कुमार शैलेंद्र ने बीआरओ के अधीक्षण अभियंता विपिन कुमार चंद और उनकी पूरी टीम को मंच पर बुलाकर अंगवस्त्र प्रदान किए। यह सम्मान केवल कार्य पूरा करने के लिए नहीं, बल्कि उस तत्परता के लिए था जो जनता की पीड़ा को कम करने के लिए दिखाई गई। काम करने वाले उन तमाम फील्ड कर्मियों को भी सराहा गया जिन्होंने भीषण गर्मी की परवाह किए बिना दिन-रात एक कर दिया।

आर्थिक गतिविधियों पर असर

जब संपर्क मार्ग बाधित होता है, तो सबसे बुरा असर छोटे दुकानदारों और किसानों पर पड़ता है। सब्जियां और खराब होने वाले उत्पाद समय पर बाजार नहीं पहुँच पाते थे। अब जबकि आवागमन सामान्य हो गया है, कोशी और सीमांचल के बाजार में फिर से हलचल बढ़ गई है। आर्थिक जानकारों का मानना है कि इस कनेक्टिविटी के बहाल होने से अगले एक महीने में स्थानीय व्यापार में 20-30 फीसदी तक की वृद्धि देखने को मिल सकती है।

भविष्य के लिए सीख

हालांकि बेली ब्रिज एक अस्थायी समाधान है, लेकिन इसने यह साबित कर दिया है कि समयबद्ध तरीके से काम करने पर बड़ी चुनौतियों से निपटा जा सकता है। भागलपुर के लोग अब यह उम्मीद कर रहे हैं कि विक्रमशिला सेतु की मुख्य संरचना का स्थायी मरम्मत कार्य भी भविष्य में इसी तत्परता के साथ होगा। प्रशासन ने यह भी संकेत दिए हैं कि पुल की निगरानी के लिए अब पहले से कहीं अधिक सख्त प्रोटोकॉल अपनाए जाएंगे ताकि भविष्य में यातायात फिर से बाधित न हो।

स्थानीय नागरिकों के लिए यह रविवार का दिन एक उत्सव की तरह था। पुल पर लगी बेरिकेडिंग हटने के बाद जब पहली गाड़ियाँ गुजरना शुरू हुईं, तो लोगों ने राहत की सांस ली। यह घटना बताती है कि बुनियादी ढांचे में सुधार ही किसी भी क्षेत्र के विकास की पहली सीढ़ी है।

Facebook
X
Threads
WhatsApp
Telegram
Picture of अंग भारत • रिपोर्टर

अंग भारत • रिपोर्टर

‘अंग भारत’ एक हिंदी दैनिक समाचार पत्र है, जो मिलन ग्रुप द्वारा संचालित एक बहुआयामी मीडिया संगठन का हिस्सा है। हमारा कॉर्पोरेट कार्यालय बिहार के ऐतिहासिक अंग प्रदेश के पवित्र स्थान बांका में स्थित है। हमारा उद्देश्य निष्पक्ष, विश्वसनीय और जनहित से जुड़ी खबरों को पाठकों तक पहुंचाना है।”

Related Posts
Recent Posts
App Icon