भागलपुर, अंग भारत। पुलिस के विरोध में नगर परिषद के सफाईकर्मियों की हड़ताल दूसरे दिन भी जारी है, जिसके कारण शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह से ठप हो गई है। हड़ताल के कारण सड़कों पर कचरे का अंबार लग गया है और दुर्गंध से स्थानीय निवासियों का जीना मुहाल हो गया है। सफाईकर्मी एक पुलिस पदाधिकारी द्वारा की गई कथित बदसलूकी और कार्रवाई से नाराज हैं और अपनी सुरक्षा व सम्मान की मांग को लेकर काम बंद कर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठ गए हैं।
हड़ताल की मुख्य वजह
नगर परिषद के सफाईकर्मियों का कहना है कि ड्यूटी के दौरान पुलिस का व्यवहार उनके प्रति बेहद अपमानजनक रहा है। सफाई कर्मचारियों के प्रतिनिधिमंडल ने आरोप लगाया है कि पुलिस द्वारा बिना किसी ठोस कारण के उनके साथियों को प्रताड़ित किया जा रहा है। इस घटना ने सफाई कर्मचारियों के बीच भारी आक्रोश पैदा कर दिया है। उनका साफ कहना है कि जब तक पुलिस विभाग दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं करता और सफाईकर्मियों के काम में हस्तक्षेप बंद नहीं होता, तब तक वे काम पर वापस नहीं लौटेंगे।
शहर पर गहरा असर
सफाईकर्मियों के काम बंद करने से शहर की स्थिति विकट हो गई है। सड़कों, मोहल्लों और मुख्य बाजारों के किनारे कचरे के ढेर जमा हो गए हैं। स्थिति इतनी गंभीर है कि चलना-फिरना दूभर हो गया है।
- जगह-जगह लगे कचरे के ढेरों से भयंकर दुर्गंध उठ रही है।
- संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा बढ़ गया है।
- स्कूलों और सार्वजनिक स्थानों के पास कूड़ा जमा होने से छात्रों व लोगों को भारी परेशानी है।
- मक्खियों और मच्छरों का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है।
प्रशासन की भूमिका
नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सफाईकर्मियों से बातचीत करने की कोशिश की है। प्रशासन का कहना है कि शहर की स्वच्छता को प्राथमिकता दी जानी चाहिए, लेकिन सफाईकर्मी अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं। सफाईकर्मियों का कहना है कि वे शहर को साफ रखना चाहते हैं, लेकिन वे अपने आत्मसम्मान के साथ समझौता नहीं कर सकते। वे जिला प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं ताकि भविष्य में उन्हें पुलिस की ऐसी कार्रवाई का सामना न करना पड़े।
मांगें और भविष्य
हड़ताली सफाईकर्मियों ने अपनी मांगों को लेकर एक ज्ञापन भी सौंपा है। इसमें मुख्य रूप से निम्नलिखित मांगें शामिल हैं:
| मांग का प्रकार | विवरण |
|---|---|
| पुलिस कार्रवाई | दोषी पुलिस अधिकारी पर विभागीय कार्यवाही हो। |
| कार्य सुरक्षा | ड्यूटी के दौरान सफाईकर्मियों को परेशान न किया जाए। |
| शांति समझौता | पुलिस और सफाईकर्मियों के बीच समन्वय बैठक हो। |
क्या समाधान निकलेगा?
फिलहाल, शहर के लोग गंदगी के बीच रहने को मजबूर हैं। आम जनता का मानना है कि यदि प्रशासन ने समय रहते इस विवाद को नहीं सुलझाया, तो स्थिति और भी बिगड़ सकती है। सफाईकर्मी पूरी तरह से एकजुट नजर आ रहे हैं और उन्होंने दो टूक कह दिया है कि अगर प्रशासन उनकी मांगों को अनसुना करता है, तो वे अनिश्चितकालीन हड़ताल को और अधिक उग्र रूप देने के लिए मजबूर होंगे। शहर के नागरिक प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की उम्मीद कर रहे हैं ताकि सफाई व्यवस्था जल्द बहाल हो सके और महामारी के खतरे को टाला जा सके।
आने वाले घंटों में प्रशासन और सफाई यूनियन के बीच होने वाली वार्ता यह तय करेगी कि शहर की गलियां कब तक साफ हो पाएंगी। तब तक के लिए, शहर के निवासियों को स्वयं भी स्वच्छता के प्रति सतर्क रहने की आवश्यकता है ताकि कचरे के ढेर से पैदा होने वाले स्वास्थ्य जोखिमों को कम किया जा सके।








