मध्य पूर्व में शांति की नई उम्मीद
दोहा,अंग भारत| मध्य पूर्व में कई महीनों से जारी तनाव और संघर्ष के बीच दुनिया को बड़ी राहत देने वाली खबर सामने आई है। अमेरिका और ईरान ने युद्ध समाप्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण शांति समझौते पर सहमति बना ली है। दोनों देशों के अधिकारियों ने समझौते की पुष्टि की है, जबकि औपचारिक हस्ताक्षर शुक्रवार को स्विट्जरलैंड में होने प्रस्तावित हैं।
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होर्मुज जलडमरूमध्य खुलने का रास्ता साफ
समझौते के तहत दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में शामिल होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने की प्रक्रिया शुरू होगी। इस जलमार्ग से वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है। समझौते के बाद जहाजों की आवाजाही सामान्य होने की उम्मीद जताई जा रही है, जिससे वैश्विक ऊर्जा बाजारों को भी राहत मिल सकती है।
ट्रंप ने समझौते की पुष्टि की
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ समझौता पूरा हो चुका है। उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी हटाने और समुद्री यातायात बहाल करने की घोषणा भी की। ट्रंप ने इसे क्षेत्रीय स्थिरता की दिशा में बड़ा कदम बताया।
ईरान ने भी जताई सहमति
ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने बताया कि समझौते के अंतिम मसौदे पर दोनों पक्षों की सहमति बन चुकी है। हालांकि समझौते के कई तकनीकी और रणनीतिक बिंदुओं पर आगे भी बातचीत जारी रहेगी। परमाणु कार्यक्रम, प्रतिबंधों में राहत और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दे अभी पूरी तरह हल नहीं हुए हैं।
पाकिस्तान ने निभाई अहम मध्यस्थ की भूमिका
इस समझौते को अंतिम रूप देने में पाकिस्तान ने महत्वपूर्ण मध्यस्थ की भूमिका निभाई। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने घोषणा की कि अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौता हो चुका है तथा दोनों पक्ष सैन्य गतिविधियां रोकने पर सहमत हुए हैं। उन्होंने बताया कि औपचारिक हस्ताक्षर 19 जून को स्विट्जरलैंड में होंगे।
दुनिया भर के नेताओं ने किया स्वागत
समझौते का कतर, तुर्किये, ब्रिटेन, जर्मनी और फ्रांस सहित कई देशों ने स्वागत किया है। नेताओं ने इसे मध्य पूर्व में स्थायी शांति और क्षेत्रीय स्थिरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। कई देशों ने उम्मीद जताई कि यह समझौता आगे चलकर व्यापक कूटनीतिक समाधान का आधार बनेगा।
कुछ मुद्दों पर अब भी बनी हुई है अनिश्चितता
हालांकि समझौते की घोषणा के बावजूद कुछ महत्वपूर्ण सवाल अभी बाकी हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य के संचालन, ईरान के परमाणु कार्यक्रम और लेबनान समेत अन्य क्षेत्रीय मोर्चों को लेकर अलग-अलग पक्षों की व्याख्याएं सामने आई हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अंतिम हस्ताक्षर और आगामी वार्ताओं के बाद ही समझौते की वास्तविक रूपरेखा स्पष्ट हो सकेगी।
वैश्विक बाजारों को मिली राहत
समझौते की खबर के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजारों में सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिली है। तेल कीमतों में गिरावट और वैश्विक व्यापार मार्गों के सामान्य होने की उम्मीद से निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। यदि समझौता सफलतापूर्वक लागू होता है, तो यह मध्य पूर्व में लंबे समय से जारी अस्थिरता को कम करने की दिशा में बड़ा बदलाव साबित हो सकता है।


































