भागलपुर,अंग भारत। रोजगार की तलाश में झारखंड के गोड्डा से भागलपुर पहुंची एक लाचार मां की दो बच्चियों को एक अज्ञात महिला भाड़े का कमरा दिलाने का झांसा देकर लेकर फरार हो गई। घटना भागलपुर रेलवे स्टेशन से शुरू हुई और बरारी थाना क्षेत्र में सामने आई। घटना के बाद पुलिस की कार्रवाई में देरी को लेकर स्थानीय लोगों में आक्रोश है।
स्टेशन पर हुई थी महिला से मुलाकात
पीड़ित संतो देवी अपने तीन बच्चों के साथ रोजगार की तलाश में भागलपुर आई थी। रेलवे स्टेशन पर उसकी मुलाकात एक अज्ञात महिला से हुई। महिला ने संतो देवी को सस्ते में भाड़े का कमरा दिलाने की बात कही। मदद की उम्मीद में संतो देवी उसके साथ बरारी थाना क्षेत्र के भगत सिंह चौक के पास चली गई।
कमरा दिखाने के बहाने बच्चियों को ले गई
आरोप है कि मकान में कमरा दिखाने के बहाने महिला ने संतो देवी की नौ साल की बेटी और चार महीने की दूधमुंही बच्ची को अपने पास रख लिया। इसके बाद मौका पाकर दोनों बच्चियों को लेकर फरार हो गई। बच्चियों के अचानक गायब होने से संतो देवी बदहवास हो गई और बरारी चौक स्थित सब्जी मंडी के पास बैठकर फूट-फूटकर रोने लगी।स्थानीय लोगों ने महिला को रोते देखा तो वहां भीड़ जुट गई। घटना की जानकारी मिलने के बाद लोगों ने बरारी थाना पुलिस को सूचना दी।
तीन घंटे बाद पहुंची पुलिस
स्थानीय लोगों का आरोप है कि सूचना मिलने के बावजूद पुलिस करीब तीन घंटे बाद मौके पर पहुंची। इसके बाद पुलिस फरार महिला की तलाश में रेलवे स्टेशन पहुंची। पुलिस का कहना है कि आरोपी महिला दोनों बच्चियों के साथ काफी देर तक स्टेशन पर बैठी हुई थी। हालांकि पुलिस के पहुंचने से पहले ही वह किसी ट्रेन में सवार होकर बच्चियों के साथ वहां से निकल गई।घटना सुबह करीब 10 बजे की बताई जा रही है, जबकि पुलिस दोपहर तीन बजे तक बच्चियों की तलाश में जुटी रही। लोगों का कहना है कि यदि पुलिस समय रहते कार्रवाई करती तो आरोपी महिला को स्टेशन से ही पकड़ा जा सकता था।
पुलिस की कार्यशैली पर सवाल
घटना में पुलिस की कथित सुस्ती को लेकर स्थानीय लोगों और बुद्धिजीवियों में नाराजगी है। लोगों ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि बच्चियों के अपहरण जैसे गंभीर मामले में तत्काल कार्रवाई होनी चाहिए थी। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और दोनों बच्चियों की तलाश में जुटी है।








