तेहरान/वाशिगटन,अंग भारत। ईरान की राजधानी तेहरान में स्थित विश्व प्रसिद्ध ‘आजादी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स’ पर हुए हालिया हमले ने वैश्विक खेल जगत और कूटनीति के गलियारों में खलबली मचा दी है। अमेरिका और इजराइल के संयुक्त सैन्य अभियान के छठे दिन, इस परिसर का 12,000 सीटों वाला अत्याधुनिक इंडोर एरिना पूरी तरह से ध्वस्त हो गया है। यह हमला न केवल ईरान के खेल बुनियादी ढांचे पर एक सीधा प्रहार है, बल्कि यह क्षेत्रीय तनाव को एक नए और खतरनाक मोड़ पर ले आया है। ईरान इंटरनेशनल समाचार पत्र की रिपोर्ट के अनुसार, इस बमबारी में इंडोर एरिना के साथ-साथ साइकिलिंग फेडरेशन की नई इमारत और एथलीटों के छात्रावास को भी भारी क्षति पहुंची है।
हमले की पुष्टि और प्रतिक्रिया
ईरान सरकार ने आधिकारिक रूप से इस हमले की कड़ी निंदा की है। इस विनाशकारी घटना के बाद, ईरान के खेलमंत्री अहमद दोन्यामाली ने तुरंत घटनास्थल का दौरा किया। उन्होंने स्थिति का जायजा लेते हुए इसे न केवल ईरान की संपत्ति का नुकसान बताया, बल्कि इसे अंतरराष्ट्रीय कानून और ओलंपिक चार्टर का खुला उल्लंघन करार दिया। अहमद दोन्यामाली ने विश्व समुदाय से इस घटना पर जवाबदेही तय करने की पुरजोर अपील की है। हालांकि, अमेरिका और इजराइल ने इस विशिष्ट दावे पर अभी तक कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है, जिससे स्थिति और भी अधिक रहस्यमयी बनी हुई है।
आजादी कॉम्प्लेक्स का इतिहास
आजादी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स महज एक खेल का मैदान नहीं, बल्कि ईरान की आधुनिक पहचान और गौरव का प्रतीक रहा है। इसके निर्माण का इतिहास काफी पुराना और दिलचस्प है:
- यह परिसर मोहम्मद रजा शाह के शासनकाल में 1974 के एशियाई खेलों की मेजबानी के लिए तैयार किया गया था।
- स्थापना के समय इसका नाम ‘आर्यमेहर स्टेडियम’ था, जिसे 1979 की ईरानी क्रांति के बाद बदलकर ‘आजादी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स’ कर दिया गया।
- इसने 1976 एएफसी एशियाई कप जैसे कई प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों की मेजबानी की है।
- यह कॉम्प्लेक्स तेहरान के पश्चिम में एकबतन जिले के पास स्थित है और अपनी वास्तुकला के लिए जाना जाता है।
खेल सुविधाओं का विनाश
इस परिसर की विशालता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसके मुख्य फुटबॉल स्टेडियम की क्षमता 78,000 से 1,00,000 दर्शकों के बीच है। इंडोर एरिना का उपयोग वॉलीबॉल, कुश्ती, बास्केटबॉल और फुटसल जैसी प्रमुख स्पर्धाओं के लिए किया जाता था। हमले के बाद, वहां की अन्य सुविधाएं जैसे कि कृत्रिम झील (रोइंग और कयाकिंग के लिए), तैराकी केंद्र और वेलोड्रोम की सुरक्षा को लेकर भी चिंताएं बढ़ गई हैं। ईरानी अधिकारियों ने आम लोगों को इस क्षेत्र के आसपास न जाने की सख्त सलाह दी है, क्योंकि मलबा हटाने और संरचनात्मक सुरक्षा की जांच का काम अभी जारी है।
अमेरिका का सख्त रुख
इस बीच, अमेरिका के रक्षामंत्री पीट हेगसेथ के बयान ने तनाव को और गहरा कर दिया है। उन्होंने ईरान को सीधी चेतावनी देते हुए कहा है कि “अभी तो लड़ाई शुरू हुई है।” पीट हेगसेथ ने आगे कहा कि अभी और भी बड़ी कॉम्बैट पावर यानी सैन्य शक्ति का उपयोग किया जाना बाकी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अमेरिका और इजराइल की संयुक्त सेनाएं अपनी मौजूदा क्षमता से कई गुना अधिक तेज हमले करने में सक्षम हैं और वाशिंगटन अपने सैन्य अभियान को फिलहाल रोकने के मूड में नहीं है।
भविष्य पर अनिश्चितता
ईरान के लिए यह एक बड़ा झटका है, क्योंकि खेल और संस्कृति के माध्यम से वैश्विक स्तर पर अपनी छवि बनाने के उसके प्रयासों को इस हमले ने बाधित कर दिया है। अंतरराष्ट्रीय खेल संस्थाएं अब इस पर क्या रुख अपनाती हैं, यह देखना बाकी है। ओलंपिक चार्टर के अनुसार खेल स्थलों को युद्ध के दौरान सुरक्षित रखने का प्रावधान है, लेकिन मौजूदा जमीनी हालात किसी भी अंतरराष्ट्रीय नियम से ऊपर दिखाई दे रहे हैं। फिलहाल, तेहरान की जनता और खेल प्रेमी इस ऐतिहासिक धरोहर के खंडहर में तब्दील होने से गहरे सदमे में हैं।








