Founder – Mohan Milan

झारखंड में मार्च से ही बढ़ी गर्मी, तापमान पहुंचा 39 डिग्री के पार

रांची,अंग भारत। झारखंड में मार्च की शुरुआत के साथ ही भीषण गर्मी ने दस्तक दे दी है, और पारे में लगातार उछाल देखने को मिल रहा है। शुक्रवार को मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, डाल्टनगंज का तापमान 39.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच गया है, जो इस बात का स्पष्ट संकेत है कि इस बार गर्मी का मौसम पिछले कई वर्षों के मुकाबले अधिक चुनौतीपूर्ण हो सकता है। राज्य के अधिकांश हिस्सों में चिलचिलाती धूप और गर्म हवाओं ने लोगों की दिनचर्या को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। अगले दो-तीन दिनों के भीतर तापमान में और 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी की प्रबल संभावना है, जिससे आम जनजीवन और अधिक प्रभावित होगा।

तापमान का मौजूदा हाल

झारखंड के अलग-अलग जिलों में गर्मी का स्तर अलग-अलग है, लेकिन समग्र रूप से राज्य तपिश की चपेट में है। शुक्रवार को दर्ज किए गए आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, स्थिति काफी गंभीर बनी हुई है:

  • डाल्टनगंज: अधिकतम 39.2 डिग्री और न्यूनतम 17.1 डिग्री सेल्सियस।
  • चाईबासा: अधिकतम 37.4 डिग्री और न्यूनतम 23.4 डिग्री सेल्सियस।
  • सरायकेला: अधिकतम 37.2 डिग्री सेल्सियस।
  • जमशेदपुर: अधिकतम 37.5 डिग्री और न्यूनतम 23.3 डिग्री सेल्सियस।
  • बोकारो: अधिकतम 35.1 डिग्री और न्यूनतम 17.5 डिग्री सेल्सियस।
  • रांची: अधिकतम 33.6 डिग्री और न्यूनतम 17.4 डिग्री सेल्सियस।

सबसे गर्म जिले कौन

राज्य के दक्षिण और पश्चिमी हिस्से वर्तमान में भीषण गर्मी का केंद्र बने हुए हैं। चाईबासा, सरायकेला और जमशेदपुर में तापमान 36 डिग्री सेल्सियस के आंकड़े को काफी पहले पार कर चुका है। चाईबासा और जमशेदपुर जैसे औद्योगिक और घनी आबादी वाले क्षेत्रों में गर्मी का प्रभाव अधिक महसूस किया जा रहा है। दूसरी ओर, राज्य का सबसे ठंडा इलाका फिलहाल गुमला बना हुआ है, जहाँ तापमान 13.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यह तापमान का भारी अंतर दर्शाता है कि झारखंड की भौगोलिक बनावट के कारण अलग-अलग क्षेत्रों में मौसम का मिजाज कितना भिन्न रहता है।

बारिश का येलो अलर्ट

मौसम विभाग ने केवल गर्मी को लेकर ही चेतावनी नहीं दी है, बल्कि अचानक मौसम बदलने के संकेत भी दिए हैं। विभाग के अनुसार, 17 मार्च तक राज्य के विभिन्न जिलों में गर्जन के साथ हल्की बारिश और वज्रपात की संभावना है। इसे लेकर प्रशासन ने येलो अलर्ट जारी किया है। जब तापमान इतना अधिक होता है और अचानक नमी आती है, तो वज्रपात का खतरा काफी बढ़ जाता है। इसलिए, खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

गर्मी से बचाव के उपाय

मार्च में ही 39 डिग्री तापमान का मतलब है कि आने वाले अप्रैल और मई के महीने काफी कठिन होने वाले हैं। डॉक्टरों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, इस मौसम में निर्जलीकरण (dehydration) और हीटस्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में कुछ व्यावहारिक सावधानियां बरतनी बहुत जरूरी हैं:

  • पर्याप्त पानी पिएं: प्यास लगने का इंतजार न करें, हर घंटे थोड़ा-थोड़ा पानी पीते रहें।
  • धूप से बचाव: दोपहर 12 बजे से 4 बजे के बीच घर से बाहर निकलने से बचें। यदि निकलना अनिवार्य हो, तो सिर ढंककर रखें।
  • खान-पान: हल्के और सुपाच्य भोजन का सेवन करें। मौसमी फलों और ओआरएस (ORS) घोल का उपयोग करें।
  • बच्चों और बुजुर्गों का ख्याल: बच्चों और बुजुर्गों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है, इसलिए उन्हें सीधी धूप से बचाना अनिवार्य है।

आगामी मौसम का पूर्वानुमान

मौसम विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, झारखंड में हवा की दिशा और नमी की मात्रा आने वाले दिनों में गर्मी की तीव्रता तय करेगी। यदि बारिश होती है, तो तापमान में कुछ घंटों के लिए गिरावट आएगी, लेकिन उसके तुरंत बाद उमस बढ़ने की भी आशंका बनी रहेगी। डाल्टनगंज का 39.2 डिग्री तक पहुँचना यह चेतावनी है कि हमें अभी से ही जल संरक्षण और पर्यावरण को लेकर सचेत होना होगा। पेड़ों की कटाई और शहरीकरण के कारण जो हीट-आइलैंड इफेक्ट (Heat-Island Effect) शहरों में बन रहा है, वही मुख्य कारण है कि मार्च में ही हमें मई जैसी गर्मी महसूस हो रही है।

सावधानी ही सुरक्षा है। मौसम विभाग की चेतावनी को हल्के में न लें और खासकर वज्रपात की संभावना के दौरान खुले खेतों या पेड़ों के नीचे जाने से बचें।

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अंग भारत • रिपोर्टर

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