नवादा,अंग भारत। बिहार सरकार के पूर्व राज्य मंत्री राजबल्लभ प्रसाद यादव और नवादा की जनता दल यूनाइटेड (जदयू) विधायक विभा देवी के युवा पुत्र अखिलेश कुमार की एक दर्दनाक सड़क हादसे में मौत हो गई। शुक्रवार को हुए इस हादसे में अखिलेश अपनी थार गाड़ी से घर के पास ही बाजार जा रहे थे, तभी उनकी गाड़ी अनियंत्रित होकर एक ताड़ के पेड़ से टकरा गई। बाहरी तौर पर शरीर पर कोई गंभीर चोट नहीं दिख रही थी, लेकिन पेट के अंदरूनी हिस्से में गंभीर चोट लगने के कारण उनके गॉल ब्लैडर (पित्ताशय) से भारी मात्रा में खून का रिसाव होने लगा। स्थानीय अस्पताल में शुरुआती इलाज के बाद उन्हें तुरंत पटना के मेदांता अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों के लाख प्रयासों के बावजूद उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। इस घटना के बाद से पूरे नवादा जिले में कोहराम मच गया है।
कैसे हुआ यह हादसा
शुक्रवार का दिन यादव परिवार के लिए एक बेहद दर्दनाक मोड़ लेकर आया। पूर्व मंत्री राजबल्लभ प्रसाद यादव ने बताया कि उनका बेटा अखिलेश कुमार अपनी थार गाड़ी लेकर घर से महज कुछ ही दूरी पर स्थित बाजार के लिए निकला था। घर से निकलते ही कुछ दूरी पर गाड़ी अनियंत्रित हो गई और सड़क किनारे खड़े एक मजबूत ताड़ के पेड़ से सीधे टकरा गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि गाड़ी का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हैरान करने वाली बात यह थी कि जब हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोग और परिजन मौके पर पहुंचे, तो अखिलेश के शरीर पर बाहर से कोई बड़ा जख्म या खून बहने का निशान नहीं था। वह होश में थे, जिसके कारण तुरंत खतरे का अंदाजा नहीं लगाया जा सका।
इलाज और मौत की वजह
हादसे के तुरंत बाद परिजन अखिलेश को लेकर नवादा के स्थानीय अस्पताल पहुंचे। शुरुआती जांच में डॉक्टरों को भी बाहरी तौर पर कोई जानलेवा चोट नजर नहीं आई। लेकिन समय बीतने के साथ ही अखिलेश की हालत बिगड़ने लगी और वे दर्द से तड़पने लगे। डॉक्टरों ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उन्हें तुरंत बेहतर इलाज के लिए पटना रेफर कर दिया। परिजन बिना समय गंवाए उन्हें पटना के मेदांता अस्पताल लेकर भागे। वहां डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन इलाज के दौरान ही उन्होंने दम तोड़ दिया। डॉक्टरों के मुताबिक, हादसे के वक्त लगे झटके से अखिलेश के पेट के अंदरूनी हिस्से में गंभीर चोट आई थी, जिससे उनके गॉल ब्लैडर में तेजी से खून का रिसाव शुरू हो गया था। पिता राजबल्लभ यादव ने भी नम आंखों से कहा कि अगर समय रहते उन्हें सीधे पटना ले जाया जाता, तो शायद उनके बेटे की जान बचाई जा सकती थी।
“बाहरी तौर पर शरीर में कहीं भी जख्म के निशान नहीं थे। गॉल ब्लैडर में रक्त के रिसाव के कारण चिकित्सकों ने मौत की वजह बताई है। अगर समय रहते पटना ले जाया जाता तो शायद जान बचाई जा सकती थी।”
— राजबल्लभ प्रसाद यादव, पूर्व राज्य मंत्री
रो-रोकर बुरा हाल
इस हादसे की खबर जैसे ही नवादा पहुंची, पूरे इलाके में सन्नाटा पसर गया। विधायक आवास पर समर्थकों और स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जुटने लगी। घटनास्थल से लेकर अस्पताल तक, मृतक अखिलेश की मां और नवादा की विधायक विभा देवी का रो-रोकर बुरा हाल था। वह बार-बार अपने बेटे के शव से लिपटकर दहाड़ मार-मार कर रो रही थीं। मां की इस चीख और दर्द को देखकर वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं। आसपास का पूरा माहौल बेहद गमगीन और स्तब्ध था। किसी को विश्वास नहीं हो रहा था कि कुछ घंटे पहले जो युवक अपने पैरों पर चलकर घर से निकला था, वह अब इस दुनिया में नहीं है।
हजारों की नम आंखें
अखिलेश कुमार का अंतिम संस्कार उनके पैतृक निवास के समीप ही बने एक मैदान में किया गया। इस अंतिम विदाई में शामिल होने के लिए नवादा और आसपास के क्षेत्रों से हजारों की संख्या में शुभचिंतक, समर्थक और राजनीतिक दल के नेता पहुंचे। राजबल्लभ यादव के हजारों समर्थकों और ग्रामीणों की भारी मौजूदगी के बीच अखिलेश के पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार किया गया। अपने युवा बेटे को मुखाग्नि देते समय पिता और परिजनों के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे।
अंदरूनी चोटों का खतरा
इस दुखद हादसे ने एक बार फिर सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली अंदरूनी चोटों (Internal Injuries) के खतरे को उजागर कर दिया है। चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, कई बार तेज रफ्तार हादसों में इंसान के शरीर पर बाहर से एक खरोंच तक नहीं आती, लेकिन अंदरूनी अंगों जैसे लिवर, स्प्लीन या गॉल ब्लैडर को भारी नुकसान पहुंचता है।
- सीट बेल्ट का महत्व: गाड़ी चलाते समय सीट बेल्ट पहनना बेहद जरूरी है। यह दुर्घटना के वक्त शरीर को स्टेयरिंग व्हील से टकराने से बचाती है, जिससे पेट और छाती के अंदरूनी अंगों को सुरक्षा मिलती है।
- तुरंत सीटी स्कैन: किसी भी बड़े हादसे के बाद, भले ही कोई बाहरी चोट न हो, डॉक्टर की सलाह पर पेट का अल्ट्रासाउंड या सीटी स्कैन जरूर करवाना चाहिए ताकि अंदरूनी ब्लीडिंग का पता चल सके।
- लक्षणों की पहचान: पेट में तेज दर्द, चक्कर आना, कमजोरी महसूस होना या त्वचा का पीला पड़ना अंदरूनी ब्लीडिंग के मुख्य लक्षण हो सकते हैं। इन्हें कभी भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
अखिलेश कुमार की असामयिक मौत ने पूरे नवादा को झकझोर कर रख दिया है। यह घटना हमें सिखाती है कि सड़क पर सुरक्षा नियमों का पालन करने के साथ-साथ दुर्घटना की स्थिति में तुरंत विस्तृत मेडिकल जांच कराना कितना अनिवार्य है।








