पटना,अंग भारत। बिहार सरकार ने बुधवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में विकास और प्रशासन से जुड़े कई अहम फैसलों पर मुहर लगा दी। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में कुल 64 एजेंडों को स्वीकृति दी गई, जिनमें पुलिस भर्ती, यातायात व्यवस्था, शिक्षा, साइबर सुरक्षा और बुनियादी ढांचे से जुड़े महत्वपूर्ण प्रस्ताव शामिल रहे।
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पुलिस भर्ती और पदोन्नति को लेकर बड़ा फैसला
सबसे प्रमुख निर्णयों में बिहार पुलिस में अवर निरीक्षक और समकक्ष पदों की भर्ती प्रक्रिया को लेकर लिया गया फैसला रहा। सरकार ने 20,937 पदों में से 50 प्रतिशत पदों को प्रोन्नति के जरिए भरने का निर्णय लिया है। इससे विभाग के मौजूदा कर्मियों को आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा और प्रशासनिक कार्यों में गति आएगी।
शहरों में ट्रैफिक व्यवस्था होगी मजबूत
इसके अलावा राज्य के चार प्रमुख शहरों—भागलपुर, मुजफ्फरपुर, बिहार शरीफ और गया—में यातायात व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 485 नए पद सृजित किए गए हैं। साथ ही पहले से स्वीकृत 1606 पदों को भी कर्णांकित करने का निर्णय लिया गया है, जिससे शहरों में ट्रैफिक प्रबंधन बेहतर होने की उम्मीद है।
पटना में NIFT और साइबर सुरक्षा पर जोर
शिक्षा और संस्थागत विकास के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। पटना के सदर अंचल में राष्ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संस्थान (निफ्ट) की स्थापना के लिए दो एकड़ से अधिक भूमि 30 वर्षों की लीज पर देने की स्वीकृति दी गई है। यह कदम राज्य में उच्च शिक्षा के नए अवसर खोलेगा।
साथ ही, पटना में साइबर अपराध इकाई और विशेष शाखा के लिए भवन निर्माण हेतु 51 करोड़ रुपये से अधिक की राशि स्वीकृत की गई है। वित्त विभाग में साइबर कोषागार के गठन के लिए 23 नए पद भी सृजित किए गए हैं।
सड़क और बुनियादी ढांचे को मिलेगी रफ्तार
बुनियादी ढांचे के विकास के तहत बक्सर-आरा-मनेर गंगा पथ परियोजना को पीपीपी मोड पर लागू करने की मंजूरी दी गई है। यह परियोजना करीब 90 किलोमीटर लंबी होगी। वहीं वैशाली के बिदुपुर से सारण के दिघवारा तक 50 किलोमीटर लंबाई में गंगा पथ निर्माण को भी हरी झंडी मिली है।
वित्तीय और सामाजिक योजनाओं को बढ़ावा
वित्तीय प्रबंधन को मजबूत करने के लिए बिहार आकस्मिकता निधि को 350 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 13,900 करोड़ रुपये कर दिया गया है।
सामाजिक कल्याण के तहत अनुसूचित जाति और जनजाति छात्रावास अनुदान राशि को 1000 रुपये से बढ़ाकर 2000 रुपये कर दिया गया है, जिससे राज्य के 10,500 से अधिक छात्र-छात्राओं को लाभ मिलेगा।
शिक्षा सुधार और पटना जू का नामकरण
“सात निश्चय-3” योजना के तहत “उन्नत शिक्षा, उज्ज्वल भविष्य” कार्यक्रम के लिए 8 अरब रुपये की स्वीकृति दी गई है। इसके तहत प्रत्येक जिले और प्रखंड में चयनित स्कूलों को आदर्श विद्यालय के रूप में विकसित किया जाएगा।एक अन्य अहम फैसले में पटना के संजय गांधी जैविक उद्यान का नाम बदलकर “पटना जू” कर दिया गया है और इसकी संचालन समिति का नाम भी संशोधित किया गया है।कुल मिलाकर, कैबिनेट के ये फैसले राज्य में प्रशासनिक सुधार, शिक्षा विस्तार और बुनियादी ढांचे के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माने जा रहे हैं।










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