नई दिल्ली,अंग भारत| भारत और स्लोवाकिया ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाई पर ले जाने का फैसला किया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को स्लोवाकिया की राजधानी ब्रातिस्लावा में घोषणा करते हुए कहा कि दोनों देशों ने अपने रिश्तों को ‘व्यापक साझेदारी’ का दर्जा देने पर सहमति बनाई है। उन्होंने इसे दोनों देशों के बीच साझा विश्वास, समान प्राथमिकताओं और भविष्य की मजबूत साझेदारी का प्रतीक बताया।
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ब्रातिस्लावा में हुई उच्चस्तरीय वार्ता
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और स्लोवाकिया के प्रधानमंत्री रॉबर्ट फीको के बीच ब्रातिस्लावा में द्विपक्षीय वार्ता हुई। बैठक में दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश, रक्षा, प्रौद्योगिकी, शिक्षा और सांस्कृतिक सहयोग को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। वार्ता के बाद दोनों नेताओं ने संयुक्त प्रेस वक्तव्य जारी किया और विभिन्न समझौता ज्ञापनों के आदान-प्रदान के साक्षी बने।
मुक्त व्यापार समझौते पर सहयोग
प्रधानमंत्री मोदी ने भारत और यूरोपीय संघ के बीच प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने में स्लोवाकिया के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि दोनों देश इस समझौते को जल्द लागू कराने के लिए मिलकर काम करेंगे। उनके अनुसार इससे उद्योगों, स्टार्टअप्स, निवेशकों और व्यापारिक समुदाय को बड़े स्तर पर लाभ मिलेगा।
रक्षा क्षेत्र में बढ़ेगा रणनीतिक सहयोग
बैठक के दौरान रक्षा सहयोग से जुड़े एक महत्वपूर्ण आशय पत्र पर भी हस्ताक्षर किए गए। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि रक्षा क्षेत्र में बढ़ता सहयोग दोनों देशों के बीच मजबूत विश्वास और रणनीतिक समझ को दर्शाता है। इस पहल से संयुक्त अनुसंधान, रक्षा उत्पादन और तकनीकी सहयोग को नई गति मिलने की उम्मीद है।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर विशेष फोकस
प्रधानमंत्री ने बताया कि स्लोवाकिया की एक यूनिवर्सिटी में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) विषय पर भारतीय चेयर स्थापित की जा रही है। उन्होंने कहा कि एआई का भविष्य केवल तकनीकी नवाचार तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि इसमें विश्वास, जिम्मेदारी और मानवीय मूल्यों को भी समान महत्व मिलना चाहिए। दोनों देशों के बीच शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर भी जोर दिया गया।
सांस्कृतिक संबंधों की भी हुई चर्चा
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और स्लोवाकिया के संबंध केवल आर्थिक और रणनीतिक सहयोग तक सीमित नहीं हैं, बल्कि दोनों देशों के बीच गहरे सांस्कृतिक और जनसंपर्क संबंध भी मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि भारत के प्राचीन उपनिषदों का स्लोवाक भाषा में अनुवाद इस सांस्कृतिक निकटता का उत्कृष्ट उदाहरण है।
भारतीय समुदाय का अहम योगदान
प्रधानमंत्री ने स्लोवाकिया में रह रहे भारतीय मूल के लोगों की सराहना करते हुए कहा कि वे वहां की अर्थव्यवस्था और समाज में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। भारतीय समुदाय दोनों देशों के बीच एक मजबूत सेतु के रूप में कार्य कर रहा है।
अंतरिक्ष क्षेत्र में सहयोग की नई संभावनाएं
मोदी ने याद दिलाया कि वर्ष 2017 में भारत ने स्लोवाकिया के पहले उपग्रह का सफल प्रक्षेपण किया था। उन्होंने कहा कि आज भारत अंतरिक्ष विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में तेजी से नई उपलब्धियां हासिल कर रहा है। इस क्षेत्र में स्लोवाकिया की कंपनियों को भारत की विकास यात्रा का हिस्सा बनने के लिए आमंत्रित किया गया है।
नई साझेदारी से खुलेंगे अवसर
भारत और स्लोवाकिया के बीच व्यापक साझेदारी का यह निर्णय दोनों देशों के संबंधों को नई दिशा देने वाला माना जा रहा है। व्यापार, रक्षा, शिक्षा, तकनीक, अंतरिक्ष और सांस्कृतिक क्षेत्रों में बढ़ता सहयोग आने वाले वर्षों में दोनों देशों के लिए नए अवसर पैदा कर सकता है। यह पहल भारत और यूरोप के बीच रणनीतिक संबंधों को भी और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।


































