त्रिवेणीगंज (सुपौल)/अंग भारत। ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) सुपौल का दूसरा जिला सम्मेलन रविवार को त्रिवेणीगंज नगर परिषद क्षेत्र स्थित अनुपलाल यादव महाविद्यालय परिसर में संपन्न हुआ। सम्मेलन में जिले भर से बड़ी संख्या में छात्र-युवा शामिल हुए और संगठन को मजबूत बनाने के साथ-साथ शिक्षा और रोजगार के मुद्दों पर संघर्ष तेज करने का संकल्प लिया गया।
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सम्मेलन में शिक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में मौजूद आइसा के राष्ट्रीय महासचिव प्रसेनजीत कुमार ने केंद्र और राज्य सरकारों की नीतियों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि देश का छात्र-युवा आज ऐसे दौर से गुजर रहा है, जहां शिक्षा, रोजगार, लैंगिक और सामाजिक न्याय पर सुनियोजित हमले किए जा रहे हैं। उनका आरोप था कि भाजपा और आरएसएस की नीतियों के कारण शिक्षा व्यवस्था कमजोर हो रही है और इसे अधिकार के बजाय मुनाफे का साधन बनाया जा रहा है।
नई शिक्षा नीति पर भी जताई आपत्ति
प्रसेनजीत कुमार ने नई शिक्षा नीति 2020 को छात्र विरोधी बताते हुए कहा कि इससे शिक्षा और महंगी होती जा रही है। उन्होंने बिहार की शिक्षा व्यवस्था को बदहाल बताते हुए कहा कि विश्वविद्यालयों और डिग्री कॉलेजों में पढ़ाई की स्थिति लगातार खराब हो रही है। सरकारी स्कूलों के बंद होने, पेपर लीक और संस्थानों में नियुक्तियों को लेकर भी उन्होंने सवाल उठाए।
छात्र आंदोलनों और सामाजिक न्याय पर जोर
उन्होंने कहा कि रोहित वेमुला प्रकरण के बाद छात्रों के आंदोलनों के दबाव में यूजीसी द्वारा कुछ महत्वपूर्ण प्रावधान लाए गए थे, लेकिन उन्हें सही तरीके से लागू नहीं किया गया। देशभर में छात्र इन प्रावधानों को लागू कराने के लिए संघर्ष कर रहे हैं और बिहार में आइसा इन मुद्दों को लेकर लगातार सक्रिय है।
17 सदस्यीय जिला कमेटी का गठन
सम्मेलन के सांगठनिक सत्र में 17 सदस्यीय जिला कमेटी का गठन किया गया। इसमें संतोष कुमार सियोटा को जिला सचिव और रामाशीष को जिलाध्यक्ष बनाया गया। इसके अलावा सुनील कुमार सरदार, अंकू आनंद और अभिनव आनंद को जिला उपाध्यक्ष, शशिकांत कुमार और अभिनंदन कुमार को संयुक्त सचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई।
सैकड़ों छात्रों की रही भागीदारी
सम्मेलन में माले जिला सचिव जयनारायण यादव, पूर्व आइसा सचिव डॉ. अमित कुमार चौधरी, पिपरा विधानसभा से महागठबंधन प्रत्याशी अनिल कुमार, खेगरामस जिला सचिव जन्मजेय राय, मुलेश कुमार शर्मा और मो. अब्दुल सहित सैकड़ों छात्र-युवा उपस्थित रहे। सभी ने संगठन को मजबूत करने और छात्र हितों के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।=यह सम्मेलन जिले में छात्र राजनीति को नई दिशा देने वाला माना जा रहा है, जहां शिक्षा और रोजगार के मुद्दे प्रमुख रूप से उभरकर सामने आए।









