कोलकाता,अंग भारत। पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य में आवश्यक सेवाओं को बड़ी राहत देते हुए कंटेनरों और बैरल में डीजल आपूर्ति पर लगी पाबंदियों में ढील देने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद यह आदेश जारी किया गया, जिसमें स्वास्थ्य सेवाओं, कृषि और अन्य जरूरी क्षेत्रों को विशेष छूट प्रदान की गई है।मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया के माध्यम से सरकारी नोटिफिकेशन साझा करते हुए कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि आम लोगों का दैनिक जीवन, आपातकालीन सेवाएं और राज्य की अर्थव्यवस्था बिना किसी बाधा के सुचारु रूप से चलती रहे।
किसानों और अस्पतालों को राहत पर जोर
सरकारी आदेश के अनुसार हाल ही में कंटेनर और बैरल में डीजल आपूर्ति पर लगाए गए प्रतिबंधों के कारण किसानों, अस्पतालों और अन्य आवश्यक सेवाओं से जुड़े संस्थानों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। इस स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार ने तत्काल हस्तक्षेप करते हुए पाबंदियों में ढील देने का निर्णय लिया है।मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि जनहित से जुड़े क्षेत्रों को किसी भी प्रकार की आपूर्ति बाधा से बचाना सरकार की जिम्मेदारी है।
तेल कंपनियों को विशेष निर्देश जारी
राज्य सरकार ने प्रमुख तेल कंपनियों को निर्देश दिया है कि स्वास्थ्य सेवाएं, कृषि, खाद्य आपूर्ति, जनसेवाएं तथा चाय बागान जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों को डीजल आपूर्ति संबंधी किसी भी प्रतिबंध से मुक्त रखा जाए।अब इन क्षेत्रों से जुड़े व्यक्ति और संस्थान कंटेनर या बैरल में आसानी से डीजल प्राप्त कर सकेंगे। साथ ही दैनिक आपूर्ति सीमा में भी ढील दी गई है, जिससे जरूरत के अनुसार अधिक ईंधन उपलब्ध कराया जा सकेगा।
पेट्रोल पंपों पर आसान प्रक्रिया लागू
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि डीजल खरीद के लिए केवल सामान्य पहचान पत्र दिखाना पर्याप्त होगा। इससे प्रक्रिया सरल और तेज होगी तथा आपूर्ति व्यवस्था में सुधार आएगा।मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि इस फैसले से किसानों की खेती, अस्पतालों की सेवाएं और अन्य आवश्यक गतिविधियां बिना किसी बाधा के सुचारु रूप से चल सकेंगी। सरकार का उद्देश्य है कि आम जनता को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।










