हरारे,अंग भारत। भारतीय क्रिकेट टीम ने हरारे में खेले गए तीसरे और अंतिम टी20 मुकाबले में मेजबान जिम्बाब्वे को 35 रनों से हराकर तीन मैचों की श्रृंखला पर 3-0 से कब्जा जमा लिया है। इस शानदार क्लीन स्वीप के साथ ही भारतीय टीम ने आईसीसी टी20 रैंकिंग में दोबारा शीर्ष स्थान हासिल कर अपनी बादशाहत साबित कर दी है। हाल ही में आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ मिली हार के बाद टीम इंडिया नंबर-1 पायदान से नीचे खिसक गई थी, लेकिन जिम्बाब्वे के खिलाफ इस लगातार जीत ने भारत को फिर से दुनिया की नंबर-1 टी20 टीम बना दिया है। मुकाबले में पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत ने निर्धारित 20 ओवरों में 192 रनों का मजबूत स्कोर खड़ा किया, जिसके जवाब में जिम्बाब्वे की टीम 20 ओवरों में 9 विकेट खोकर केवल 157 रन ही बना सकी।
| टीम | बनाए गए रन | मुख्य प्रदर्शन |
|---|---|---|
| भारत | 192/5 (20 ओवर) | वैभव सूर्यवंशी (81 रन), मयंक यादव (3 विकेट) |
| जिम्बाब्वे | 157/9 (20 ओवर) | तदिवानाशे मरुमानी (संघर्षपूर्ण पारी) |
सूर्यवंशी की तूफानी बल्लेबाजी
इस मुकाबले में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही। सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा केवल 2 रन बनाकर सस्ते में पवेलियन लौट गए। उनके जल्दी आउट होने के बाद युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने मोर्चा संभाला और मैदान पर चौकों-छक्कों की बरसात कर दी। वैभव ने मात्र 49 गेंदों में 81 रनों की विस्फोटक पारी खेली, जिसने टीम इंडिया को बड़े स्कोर की राह दिखाई। उनका साथ निभाने आए ईशान किशन ने सूझबूझ से खेलते हुए 29 रन बनाए, जबकि कप्तान श्रेयस अय्यर ने भी मध्यक्रम में 27 रनों का महत्वपूर्ण योगदान दिया। आखिरी ओवरों में रिंकू सिंह ने अपनी चिर-परिचित शैली में बल्लेबाजी की और महज 14 गेंदों पर 25 रन कूटकर भारत का स्कोर 192 तक पहुंचा दिया।
मयंक की घातक गेंदबाजी
193 रनों के बड़े लक्ष्य का पीछा करने उतरी जिम्बाब्वे की शुरुआत बेहद निराशाजनक रही। भारतीय तेज गेंदबाज मयंक यादव ने मैच की पहली ही गेंद पर ओपनर ब्रायन बेनेट को शून्य पर आउट कर जिम्बाब्वे को तगड़ा झटका दिया। मयंक ने अपनी रफ्तार और सटीक लाइन-लेंथ से मेजबान बल्लेबाजों को लगातार परेशान किया। उन्होंने अपने कोटे के ओवरों में बेहतरीन गेंदबाजी करते हुए 3 विकेट चटकाए और जिम्बाब्वे की रन गति पर पूरी तरह लगाम लगाए रखी। मयंक की इस रफ्तार के आगे जिम्बाब्वे का कोई भी बल्लेबाज टिककर बड़ी पारी नहीं खेल सका।
अशोक का पहला विकेट
इस मुकाबले से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रख रहे युवा गेंदबाज अशोक शर्मा के लिए यह दिन हमेशा के लिए यादगार बन गया। हालांकि, खेल के दौरान उनकी किस्मत ने थोड़ा उतार-चढ़ाव दिखाया। उनके स्पेल की शुरुआत में फील्डर्स ने एक बेहद आसान कैच टपका दिया था, जिससे वह काफी निराश दिखे। लेकिन इस दबाव के बीच उन्होंने गजब की वापसी की। अशोक ने शानदार इन-स्विंगर गेंद पर जिम्बाब्वे के बल्लेबाज तदिवानाशे मरुमानी को क्लीन बोल्ड कर दिया। यह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उनका पहला विकेट था, जिसने भारतीय खेमे में खुशी की लहर दौड़ा दी।
फील्डिंग में दिखी ढिलाई
भले ही टीम इंडिया ने यह मैच 35 रनों के अंतर से आसानी से जीत लिया हो, लेकिन मैदान पर खिलाड़ियों का क्षेत्ररक्षण उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। पूरी पारी के दौरान भारतीय फील्डर्स ने कई आसान कैच टपकाए, जिससे जिम्बाब्वे को मैच में वापसी के कुछ मौके मिले। अगर विपक्षी टीम के पास थोड़े और अनुभवी बल्लेबाज होते, तो भारत को इन गलतियों का बड़ा खामियाजा भुगतना पड़ सकता था। भविष्य के बड़े दौरों को देखते हुए टीम इंडिया को अपनी फील्डिंग की इन कमियों को जल्द से जल्द दूर करना होगा।
नंबर-1 का ताज बरकरार
जिम्बाब्वे के खिलाफ यह सीरीज जीत भारतीय टीम के लिए कई मायनों में बेहद खास है। आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज गंवाने के बाद भारतीय टीम की रैंकिंग और साख पर सवाल उठ रहे थे। आलोचक लगातार टीम के प्रदर्शन को लेकर बातें बना रहे थे। लेकिन इस युवा टीम ने विपरीत परिस्थितियों में शानदार खेल दिखाया और लगातार तीन मैच जीतकर यह साबित कर दिया कि भारतीय घरेलू क्रिकेट का ढांचा कितना मजबूत है। इस जीत ने न केवल भारत को रैंकिंग में शीर्ष पर बनाए रखा है, बल्कि नए खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी पहचान बनाने का बेहतरीन मौका भी दिया है।







