जमशेदपुर,अंग भारत। सिदगोड़ा थाना क्षेत्र के एग्रिको में सोमवार सुबह हुए ट्रिपल मर्डर ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया। टाटा स्टील के सेवानिवृत्त कर्मचारी रवींद्र सिंह ने अपनी पत्नी, बेटे और गर्भवती बेटी की बेरहमी से हत्या कर दी। घटना के बाद आरोपी ने खुद पुलिस को फोन कर वारदात की जानकारी दी और अपने लिए मौत की सजा की मांग करने लगा। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।
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रसोई में पत्नी पर किया पहला हमला
पुलिस के अनुसार, सोमवार सुबह करीब छह बजे आरोपी की पत्नी सरिता सिंह रसोई में नाश्ता तैयार कर रही थीं। इसके बाद वह बेसिन के पास बर्तन धोने लगीं। इसी दौरान रवींद्र सिंह टांगी लेकर पीछे से पहुंचा और उन पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। लगातार कई वार होने से सरिता सिंह की मौके पर ही मौत हो गई। घर के कमरे बंद थे और एयर कंडीशनर चल रहा था, इसलिए चीख-पुकार बाहर तक नहीं पहुंच सकी।
सोते बेटे पर बरसाए वार
पत्नी की हत्या के बाद आरोपी अपने बेटे रवि कुमार सिंह के कमरे में पहुंचा। रवि उस समय गहरी नींद में था। आरोपी ने उस पर टांगी से कई वार किए। हमला इतना भयावह था कि टांगी तक टूट गई। इसके बाद आरोपी ने हथौड़ा उठाकर बेटे के सिर पर लगातार वार किए, जिससे उसकी मौत हो गई।
गर्भवती बेटी को भी नहीं छोड़ा
इसके बाद वह अपनी गर्भवती बेटी सुप्रिया के कमरे में गया। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने बेटी पर भी हथौड़े से हमला किया। वह तब तक वार करता रहा, जब तक उसे यकीन नहीं हो गया कि उसकी मौत हो चुकी है। पुलिस के मुताबिक आरोपी ने तीनों शवों पर दोबारा भी वार किए ताकि कोई जीवित न बच सके।
खुदकुशी की कोशिश के बाद पुलिस को किया फोन
तीनों हत्याओं के बाद आरोपी ने खुदकुशी की भी कोशिश की। उसने घर में गैस चूल्हा खोलकर आग लगाने का प्रयास किया, लेकिन पर्दे में आग लगते ही वह घबरा गया। बाद में उसने खुद पुलिस को फोन कर पूरे मामले की जानकारी दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। घर के भीतर खून से लथपथ शव पड़े थे और दीवारों पर भी खून के निशान मिले।
पड़ोसियों को नहीं था घटना का अंदेशा
पड़ोसियों ने बताया कि सुबह सरिता सिंह सामान्य तरीके से घर के बाहर निकली थीं और आसपास के लोगों को देखकर मुस्कुरा भी रही थीं। किसी को अंदाजा नहीं था कि कुछ ही देर बाद घर के अंदर इतना बड़ा हत्याकांड हो जाएगा।
परिवार और परिचितों में सदमा
रवींद्र सिंह के परिवार में चार बच्चे हैं। एक बेटा और एक बेटी दिल्ली में रहते हैं। घटना की जानकारी मिलते ही दोनों जमशेदपुर पहुंच गए। परिवार और रिश्तेदारों का रो-रोकर बुरा हाल है। आरोपी के इस कदम से उसके परिचित और टाटा स्टील के पूर्व सहकर्मी भी स्तब्ध हैं। उनका कहना है कि रवींद्र शांत स्वभाव का व्यक्ति था और किसी ने कभी नहीं सोचा था कि वह इतनी खौफनाक वारदात को अंजाम दे सकता है।
पुलिस कर रही हर एंगल से जांच
पुलिस हिरासत में आरोपी लगातार खुद को दोषी बता रहा है। उसने पुलिस अधिकारियों से कहा कि उसने बहुत बड़ा अपराध किया है और उसे फांसी दे दी जाए। सिदगोड़ा थाना पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल टांगी और हथौड़ा बरामद कर लिया है। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं। फिलहाल पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है।











