नई दिल्ली,अंग भारत। भारत में डिजिटल मनोरंजन क्रांति के बीच नेटफ्लिक्स ने अपने सफर के 10 साल पूरे कर लिए हैं। इस बड़े मौके पर नेटफ्लिक्स के सह-मुख्य कार्यकारी अधिकारी (को-सीईओ) टेड सारंडोस ने नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान दोनों के बीच भारत को ग्लोबल कंटेंट क्रिएशन यानी वैश्विक सामग्री निर्माण का मुख्य केंद्र बनाने और देश के मीडिया व मनोरंजन क्षेत्र की अपार संभावनाओं को पंख देने पर गंभीर चर्चा हुई। इस साझेदारी को जमीन पर उतारने के लिए नेटफ्लिक्स ने ‘नेटफ्लिक्स इंडिया स्टोरीटेलिंग इनिशिएटिव’ की शुरुआत की है, जिसके तहत राष्ट्रीय फ़िल्म विकास निगम (एनएफडीसी) और भारतीय रचनात्मक प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईसीटी) के साथ मिलकर देश के युवा क्रिएटिव टैलेंट को ट्रेनिंग और स्किलिंग दी जाएगी।
मोदी-सारंडोस की मुलाकात
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस मुलाकात की तस्वीरें बुधवार देर रात सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पहले ट्विटर) पर साझा कीं। दोनों के बीच हुई यह बैठक सामान्य शिष्टाचार से कहीं आगे की थी, जिसमें भारत के रचनात्मक भविष्य का रोडमैप छिपा था। बैठक के बाद प्रधानमंत्री ने मनोरंजन जगत में भारत के बढ़ते कदम और इसकी सांस्कृतिक विरासत को लेकर अपने विचार साझा किए।
“टेड सारंडोस से मिलकर खुशी हुई। भारत के मीडिया और मनोरंजन क्षेत्र की अपार संभावनाओं पर चर्चा की। भारत में कहानी कहने की एक समृद्ध परंपरा और रचनात्मक प्रतिभा का एक असाधारण भंडार है। इसका लाभ उठाकर सामग्री निर्माण के वैश्विक केंद्र के रूप में देश की स्थिति को मजबूत किया जा सकता है।”
– प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी
इस बातचीत से साफ है कि सरकार भारतीय कहानियों को वैश्विक स्तर पर पहुंचाने के लिए अंतरराष्ट्रीय मंचों का पूरा इस्तेमाल करना चाहती है।
नेटफ्लिक्स का भारतीय सफर
पिछले एक दशक में भारतीय दर्शकों के मनोरंजन के तरीके में बहुत बड़ा बदलाव आया है। जब नेटफ्लिक्स ने भारत में कदम रखा था, तब इंटरनेट की रफ्तार और कीमतें एक बड़ी चुनौती थीं। लेकिन मोबाइल क्रांति और सस्ते डेटा प्लान्स ने पूरे खेल को बदल दिया। आज भारत नेटफ्लिक्स के लिए दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण और तेजी से बढ़ते बाजारों में से एक बन चुका है।
भारतीय दर्शकों को केवल हॉलीवुड का कंटेंट नहीं चाहिए, बल्कि वे अपनी मिट्टी से जुड़ी कहानियां देखना पसंद करते हैं। यही वजह है कि नेटफ्लिक्स ने स्थानीय भाषाओं में ओरिजिनल फिल्में और सीरीज बनाने पर भारी निवेश किया है। अब इन कहानियों को न सिर्फ भारत में बल्कि पूरी दुनिया में सराहा जा रहा है।
नया ट्रेनिंग इनिशिएटिव
इस 10 साल के मील के पत्थर को केवल एक जश्न तक सीमित न रखकर नेटफ्लिक्स ने जमीनी स्तर पर काम शुरू किया है। इसके लिए कंपनी ने ‘नेटफ्लिक्स इंडिया स्टोरीटेलिंग इनिशिएटिव’ लॉन्च किया है। यह पहल सीधे तौर पर उन युवाओं के लिए है जो फिल्म मेकिंग, स्क्रिप्ट राइटिंग, विजुअल इफेक्ट्स (VFX) और तकनीकी क्षेत्रों में अपना करियर बनाना चाहते हैं। नेटफ्लिक्स इंडिया ने स्पष्ट किया है कि यह कार्यक्रम सरकारी और शैक्षणिक संस्थानों के साथ मिलकर चलाया जा रहा है ताकि देश के कोने-कोने से छुपे हुए टैलेंट को बाहर निकाला जा सके।
एनएफडीसी और आईआईसीटी की भूमिका
इस पहल की सफलता के लिए नेटफ्लिक्स ने देश के दो बड़े संस्थानों से हाथ मिलाया है:
- राष्ट्रीय फ़िल्म विकास निगम (NFDC): एनएफडीसी लंबे समय से भारतीय सिनेमा को बढ़ावा देने का काम कर रहा है। इसके साथ मिलकर नेटफ्लिक्स नए फिल्मकारों को विश्व स्तरीय मानकों की ट्रेनिंग देगा।
- भारतीय रचनात्मक प्रौद्योगिकी संस्थान (IICT): यह संस्थान तकनीक और कला के मिलन का केंद्र है। यहाँ युवाओं को आधुनिक एनीमेशन, वीएफएक्स और पोस्ट-प्रोडक्शन की बारीकियां सिखाई जाएंगी।
इन दोनों सरकारी और तकनीकी सहयोगियों के साथ मिलकर नेटफ्लिक्स ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों के उन युवाओं तक पहुंचेगा जिनके पास सपने तो हैं, लेकिन सही ट्रेनिंग और प्लेटफॉर्म नहीं है।
मनोरंजन का नया हब
भारत में मीडिया और एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री केवल मनोरंजन का साधन नहीं है, बल्कि यह रोजगार का एक बहुत बड़ा जरिया भी बन चुकी है। कैमरा ऑपरेटर, लाइटमैन, साउंड इंजीनियर से लेकर ग्राफिक डिजाइनर तक, लाखों लोग इस इंडस्ट्री से सीधे जुड़े हैं। प्रधानमंत्री मोदी और टेड सारंडोस के बीच हुई चर्चा इसी बात को रेखांकित करती है कि कैसे इस सेक्टर के जरिए नए रोजगार पैदा किए जा सकते हैं। जब ग्लोबल स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म भारतीय कहानियों को अपनी ऐप पर जगह देते हैं, तो स्थानीय कलाकारों को वैश्विक स्तर पर पहचान मिलती है।
क्या बदल जाएगा?
इस बड़ी साझेदारी और नए इनिशिएटिव से भारतीय क्रिएटिव इकोसिस्टम में कुछ बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे:
| मुख्य क्षेत्र | होने वाला बदलाव और प्रभाव |
|---|---|
| स्किल डेवलपमेंट | युवाओं को हॉलीवुड और ग्लोबल स्तर की फिल्म मेकिंग तकनीकों का सीधा प्रशिक्षण मिलेगा। |
| रोजगार के अवसर | स्थानीय स्तर पर कंटेंट प्रोडक्शन बढ़ने से हजारों नए पर्दे के पीछे काम करने वाले तकनीशियनों को काम मिलेगा। |
| वैश्विक पहुंच | भारतीय लोक कथाएं, क्षेत्रीय इतिहास और अनूठी कहानियां अब सीधे 190 से अधिक देशों के दर्शकों तक पहुंच सकेंगी। |
टैलेंट की अगली पीढ़ी
नेटफ्लिक्स इंडिया का मानना है कि भारत में रचनात्मकता की कोई कमी नहीं है, बस उसे सही दिशा देने की जरूरत है। टेड सारंडोस की पीएम मोदी से यह मुलाकात और ‘स्टोरीटेलिंग इनिशिएटिव’ की शुरुआत इसी दिशा में उठाया गया एक बड़ा कदम है। इससे न केवल भारतीय सिनेमा की गुणवत्ता सुधरेगी, बल्कि डिजिटल दौर में भारत दुनिया के नक्शे पर एक ‘कंटेंट पावरहाउस’ के रूप में उभरेगा। आने वाले सालों में यह देखना दिलचस्प होगा कि इस साझेदारी से निकले युवा डायरेक्टर और राइटर दुनिया को किस तरह की कहानियां सुनाते हैं।








