पटना, अंगभारत। बिहार में सार्वजनिक स्थलों पर बेतरतीब ढंग से लगे अवैध बैनर और पोस्टर अब पूरी तरह से प्रतिबंधित होने वाले हैं। राज्य के उपमुख्यमंत्री सह नगर विकास एवं आवास विभाग के मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने हाल ही में स्पष्ट किया है कि ऐसे विज्ञापनकर्ताओं के खिलाफ अब आर्थिक अपराधियों की तर्ज पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह कदम सीधे तौर पर संगठित तरीके से सरकारी राजस्व को चूना लगाने वाले माफियाओं पर अंकुश लगाने के लिए उठाया गया है। विजय कुमार सिन्हा के अनुसार, ये अवैध पोस्टर न केवल शहरों की सुंदरता को खराब कर रहे हैं, बल्कि सरकारी खजाने को भी करोड़ों का नुकसान पहुँचा रहे हैं, जिसे अब किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
राजस्व का बड़ा नुकसान
उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने खुलासा किया है कि राज्य के विभिन्न शहरों में एक सिंडिकेट की तरह काम करने वाले लोग अवैध होर्डिंग लगाकर मालामाल हो रहे हैं। जब प्रशासन इन पर नकेल कसता है, तो ये लोग अक्सर ‘आजीविका’ का हवाला देकर न्यायालय की शरण ले लेते हैं। हालांकि, सरकार की नई नीति के तहत अब किसी भी प्रकार के अवैध विज्ञापन पर सख्ती बरती जाएगी। अब तक विभाग ने 38 जिलों के 264 नगर निकायों में 11,000 से अधिक अवैध होर्डिंग के मामलों को चिन्हित किया है, जिनसे 20 लाख रुपये से अधिक का दंड वसूला जा चुका है। यह महज शुरुआत है और आगे की कार्रवाई और भी कड़ी होगी।
विभिन्न शहरों में कार्रवाई
बिहार के अलग-अलग नगर निगमों ने इस अभियान को युद्धस्तर पर शुरू कर दिया है। उपमुख्यमंत्री द्वारा साझा किए गए आंकड़े स्थिति की गंभीरता को दर्शाते हैं:
- भागलपुर: नगर निगम ने 10 बड़े प्रतिष्ठानों पर प्राथमिकी दर्ज की है और 19 लाख रुपये से अधिक का जुर्माना वसूला है।
- मुजफ्फरपुर: निगम क्षेत्र से 55 अवैध होर्डिंग हटाए जा चुके हैं।
- बेगूसराय: सात अवैध होर्डिंग हटाए गए और 71 संचालकों को सख्त नोटिस भेजा गया है।
- दरभंगा: प्रशासन ने अवैध होर्डिंग हटाने के साथ-साथ विज्ञापन से संबंधित सामानों को भी जब्त किया है।
- कटिहार: आगामी वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 25 लाख 75 हजार रुपये का राजस्व एकरारनामा किया गया है।
पटना में विशेष अभियान
राजधानी पटना में नगर निगम ने अवैध होर्डिंग के खिलाफ सबसे आक्रामक रुख अपनाया है। शहर के सौंदर्यीकरण और यातायात को बाधा मुक्त बनाने के लिए निगम के सभी छह अंचलों में एक विशेष अभियान चल रहा है। अब तक 200 से अधिक अवैध होर्डिंग को उखाड़ फेंका गया है, जबकि 250 से ज्यादा को हटाने के लिए नोटिस जारी किए गए हैं।
| अंचल का नाम | हटाए गए होर्डिंग | जारी नोटिस |
|---|---|---|
| पाटलिपुत्र अंचल | 59 | आंकड़े जारी |
| कंकड़बाग अंचल | उपलब्ध नहीं | 89 |
विज्ञापन एजेंसियों पर बकाया
नगर विकास विभाग ने केवल बैनर-पोस्टर हटाने तक ही सीमित नहीं रहने का निर्णय लिया है। उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा के सख्त निर्देशों के बाद, पटना नगर निगम ने उन विज्ञापन एजेंसियों की सूची तैयार की है जिन पर लंबे समय से भारी बकाया है। वर्तमान में, राज्य की 54 विज्ञापन एजेंसियों पर कुल 107.12 करोड़ रुपये का विज्ञापन शुल्क बकाया है। इन सभी को चेतावनी जारी की गई है कि यदि बकाया राशि का तुरंत भुगतान नहीं किया गया, तो उनकी लाइसेंस रद्द करने के साथ-साथ उन पर आर्थिक अपराध के तहत मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
सुरक्षा और सुंदरता
सार्वजनिक स्थलों, बिजली के खंभों, सरकारी भवनों और निजी घरों की छतों पर अवैध रूप से लगाए गए विज्ञापन न केवल शहर की छवि बिगाड़ते हैं, बल्कि जन-सुरक्षा के लिए भी बड़ा खतरा हैं। आंधी-तूफान के समय ये होर्डिंग गिरकर दुर्घटनाओं को न्योता देते हैं। विजय कुमार सिन्हा का मानना है कि शहर को स्मार्ट और सुरक्षित बनाने के लिए ऐसी विद्रूपताओं को पूरी तरह खत्म करना अनिवार्य है। सरकार अब डिजिटल विज्ञापन और अनुमत होर्डिंग को ही बढ़ावा देगी ताकि राजस्व का नुकसान न हो और शहर की सुंदरता भी बरकरार रहे।








