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भागलपुर में डीईओ-डीपीओ सस्पेंड होते ही शिक्षा विभाग ठप, एक अफसर पर 5 विभाग का बोझ

भागलपुर,अंग भारत। सुल्तानगंज में फर्जी विशिष्ट शिक्षिका तनुश्री के नाम पर 98.12 लाख के फर्जी वेतन भुगतान और गबन के मामले में बड़ी कार्रवाई के बाद भागलपुर शिक्षा विभाग में प्रशासनिक संकट गहरा गया है। डीईओ और डीपीओ के निलंबन से पूरा कार्यालय नेतृत्व विहीन हो गया है और कामकाज ठप पड़ गया है।शिक्षा विभाग के निदेशक (प्रशासन) विजय कुमार पांडेय ने जिला शिक्षा पदाधिकारी चंदन कुमार और डीपीओ स्थापना शशि चंदन चौधरी को सस्पेंड कर दिया है। निलंबन के दौरान डीईओ का मुख्यालय पूर्णिया और डीपीओ का दरभंगा तय किया गया है।

एक अफसर पर पूरे जिले का भार -: कार्रवाई के बाद भागलपुर शिक्षा विभाग में अधिकारियों का घोर टोटा हो गया है। जिला शिक्षा कार्यालय में स्वीकृत 5 पदों के मुकाबले पहले से ही सिर्फ दो कार्यक्रम पदाधिकारी काम कर रहे थे। अब डीपीओ स्थापना के भी सस्पेंड होने के बाद पूरा भार अकेले डीपीओ महेश प्रसाद पर आ गया है।महेश प्रसाद के पास अब सर्व शिक्षा अभियान, स्थापना, योजना-लेखा, माध्यमिक शिक्षा और साक्षरता संभाग, यानी 5 विभागों की जिम्मेदारी एक साथ आ गई है। एक ही अफसर होने से जरूरी वित्तीय और प्रशासनिक फाइलें अटक गई हैं।

सुदूर से आ रहे शिक्षक लौट रहे निराश -: अधिकारियों के न होने का सीधा असर शिक्षकों और आम लोगों पर पड़ रहा है। पिछले दो दिनों से जिला शिक्षा कार्यालय में सन्नाटा पसरा है। वेतन विसंगति, सर्विस बुक सुधार, एरियर भुगतान और एनओसी जैसे कामों के लिए दूर-दराज से आ रहे प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षकों को बिना काम के ही वापस लौटना पड़ रहा है। कार्यालय कर्मियों में भी कार्रवाई के बाद मायूसी और हड़कंप है।

नए अफसरों की मांग तेज -: इस संकट को देखते हुए शिक्षक संघों और स्थानीय लोगों ने विभाग से भागलपुर में तुरंत नए पूर्णकालिक डीईओ और डीपीओ स्थापना की तैनाती की मांग की है। सूत्रों के अनुसार पटना मुख्यालय में इस स्थिति पर मंथन शुरू हो गया है और अगले कुछ दिनों में नए अफसरों को प्रभार सौंपे जाने की उम्मीद है।फिलहाल शिक्षा विभाग के सामने दो बड़ी चुनौतियां हैं – पहला ठप पड़े कामकाज को पटरी पर लाना और दूसरा फर्जी वेतन भुगतान मामले की जांच को आगे बढ़ाना। शिक्षकों के दस्तावेज सत्यापन और मुख्यालय की रिपोर्ट के बाद ही वेतन घोटाले की असली तस्वीर साफ होगी। अब सबकी नजर इस बात पर है कि मुख्यालय नए अफसरों की अधिसूचना कब जारी करता है और जांच में और कौन-से नए चेहरे सामने आते हैं।

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अंग भारत • रिपोर्टर

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