भागलपुर,अंग भारत। भागलपुर वाले विक्रमशिला सेतु पर इन दिनों काम युद्ध स्तर पर चल रहा है। जो लोग रोज इस पुल से आते-जाते थे, उनको पता है कि मई महीने में पुल का स्लैब टूट गया था, उसके बाद किसी तरह बेली ब्रिज लगाकर काम चलाया गया था। लेकिन सितंबर के आखिरी में वो बेली ब्रिज भी हटा दिया गया और 1 अक्टूबर से पुल को पूरी तरह बंद कर दिया गया है। अब 3 महीने तक कोई गाड़ी इस पर से नहीं जाएगी।उत्तर बिहार, दक्षिण बिहार और सीमांचल को जोड़ने वाला यही एक पुल है, इसलिए सरकार भी टेंशन में है और जल्दी से जल्दी इसे ठीक करना चाहती है। पथ निर्माण विभाग की टीम और बाहर से आई एक्सपर्ट कंपनियां 24 घंटा साइट पर लगी हुई हैं।
126 करोड़ में होगा स्थायी इलाज -: सरकार ने इस बार कंजूसी नहीं की है। बिहार कैबिनेट ने 126.26 करोड़ रुपये पास किया है ताकि पुल का अस्थायी नहीं, परमानेंट इलाज हो सके। काम भी देसी जुगाड़ से नहीं, बल्कि एकदम वैज्ञानिक तरीके से हो रहा है।पहले महाराष्ट्र की कंपनी ‘मैटे एसोसिएट्स’ ने पूरे पुल की जांच की और बताया कि कौन-कौन सा स्लैब कमजोर है, कहां-कहां माल खराब हो गया है। उन सारे खराब स्लैब को तोड़ने का काम पूरा हो गया है। अब दिल्ली की मशहूर कंपनी ‘मंगलम फर्म’ ने नया डिजाइन बनाया है। टूटे हुए हिस्से पर अब कंक्रीट नहीं, बल्कि मजबूत स्टील का ट्रस ब्रिज बनेगा। यानी लोहे का जाल वाला पुल, जो ज्यादा दिन चलेगा और ज्यादा वजन भी झेल लेगा।सिर्फ स्लैब ही नहीं, बल्कि पुल को हल्का करने के लिए भी काम हो रहा है। सालों पुरानी जो भारी-भरकम RCC रेलिंग और फुटपाथ है, उसको काटकर हटाया जा रहा है। उसकी जगह ‘सुहानी प्रोजेक्ट्स’ कंपनी हल्की और मजबूत स्टील की रेलिंग लगाएगी। इससे पुल पर वजन कम होगा और लाइफ बढ़ेगी।
पहली बार लगेगा हेल्थ मॉनिटर वाला सिस्टम -: इस बार सरकार सिर्फ मरम्मत करके पल्ला नहीं झाड़ रही है। भविष्य में फिर ऐसी नौबत न आए, इसके लिए पहली बार इस पुराने पुल पर ‘ब्रिज हेल्थ मॉनिटरिंग सिस्टम’ लगाया जा रहा है। ये एकदम डिजिटल सिस्टम है। ये 24 घंटा पुल की सेहत पर नजर रखेगा। कहीं दरार आई, कहीं पुल झुका, कहीं कोई गड़बड़ हुई तो ये सिस्टम तुरंत प्रशासन को अलर्ट भेज देगा। इससे बड़ा हादसा होने से पहले ही पता चल जाएगा।
पुल बंद है तो लोग कैसे जा रहे हैं?-: जिला प्रशासन ने बियाडा, बाबूपुर और जाह्नवी चौक घाट पर 12 जहाज और रो-रो वेसल लगाए हैं। लोगों के लिए मुफ्त स्टीमर चल रहा है। मोटरसाइकिल वाले और पैदल यात्री इसी नाव-जहाज से गंगा पार कर रहे हैं।
दिसंबर तक खोलने का टारगेट -: भागलपुर के अधिकारी और पुल निगम के इंजीनियर साइट पर ही कैंप कर रहे हैं। दिन-रात काम की निगरानी हो रही है। अधिकारियों का कहना है कि हर हाल में दिसंबर के आखिरी हफ्ते तक, मकर संक्रांति से पहले, पुल को खोल देना है।साथ ही बगल में जो नया फोरलेन पुल बन रहा है, उसका काम भी तेज कर दिया गया है। सरकार ने 2027 तक उस नए पुल को भी पूरा करने को कहा है ताकि भागलपुर वालों को जाम और टूटे-फूटे पुल से हमेशा के लिए छुटकारा मिल जाए।








