गुवाहाटी,अंग भारत। असम विधानसभा के उपाध्यक्ष नुमल मोमिन ने महिला आरक्षण बिल को लेकर विपक्ष, विशेषकर इंडियन नेशनल कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के राष्ट्र के नाम संबोधन का समर्थन करते हुए कहा कि संसद में इस बिल का पारित न होना विपक्ष की वास्तविक सोच को सामने लाता है।मोमिन ने कहा कि देश की आधी आबादी से जुड़े इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर जिस तरह से राजनीति की गई, वह दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दल लंबे समय से महिला सशक्तिकरण की बात करते आए हैं, लेकिन जब संसद में इसे अमल में लाने का मौका आया, तो वे पीछे हट गए।
Read more…..साइकिल से संसद पहुंचे नए राज्यसभा सांसद
महिला सशक्तिकरण के मुद्दे पर राजनीति का आरोप
नुमल मोमिन ने कहा कि महिला आरक्षण बिल सिर्फ एक कानून नहीं, बल्कि महिलाओं को बराबरी का अधिकार देने की दिशा में बड़ा कदम है। उन्होंने विपक्ष के रवैये को “शर्मनाक” बताते हुए कहा कि यह दिखाता है कि उनके दावे और हकीकत में कितना अंतर है।उनका कहना था कि अगर विपक्ष वास्तव में महिलाओं के हितों के प्रति गंभीर होता, तो इस बिल का समर्थन करता। लेकिन ऐसा न करके उन्होंने अपने ही बयानों को कमजोर किया है।
राहुल गांधी पर भी साधा निशाना
इस मुद्दे पर बोलते हुए मोमिन ने राहुल गांधी की भी आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि विदेश यात्राओं के दौरान राहुल गांधी भारत की छवि को नुकसान पहुंचाने वाली बातें करते हैं।मोमिन ने कहा कि इस तरह का रवैया देश के हित में नहीं है और इससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की छवि प्रभावित होती है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि विपक्ष का यह व्यवहार विकास कार्यों में बाधा डालने की मानसिकता को दर्शाता है।
प्रधानमंत्री के बयान से मेल खाते आरोप
असम विधानसभा के उपाध्यक्ष ने कहा कि संसद में महिला आरक्षण बिल के पारित न होने के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जो बातें कही थीं, वे पूरी तरह से सही साबित हो रही हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष की रणनीति और उसका व्यवहार इस बात की पुष्टि करता है कि वह सकारात्मक बदलावों में सहयोग करने के बजाय राजनीतिक लाभ को प्राथमिकता देता है।उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि महिला सशक्तिकरण के मुद्दे पर सरकार की प्रतिबद्धता मजबूत है और आने वाले समय में इस दिशा में और ठोस कदम उठाए जाएंगे।कुल मिलाकर, महिला आरक्षण बिल को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। एक ओर सत्तापक्ष विपक्ष पर आरोप लगा रहा है, तो दूसरी ओर विपक्ष भी अपनी स्थिति स्पष्ट करने में जुटा है। इस मुद्दे ने राष्ट्रीय राजनीति में नई बहस को जन्म दे दिया है, जिसका असर आने वाले समय में और देखने को मिल सकता है।









