Founder – Mohan Milan

सोशल मीडिया फेक कंटेंट पर EC सख्त, 3 घंटे में एक्शन

नई दिल्ली,अंग भारत। चुनाव आयोग ने विधानसभा चुनाव और उपचुनाव के दौरान सोशल मीडिया पर फैल रही भ्रामक सामग्री को लेकर सख्त रुख अपनाया है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि सभी संबंधित पक्षों को डिजिटल माध्यमों का उपयोग जिम्मेदारी और नैतिकता के साथ करना होगा।

Read more………बिजली दर बढ़ोतरी पर सरकार घिरी, साहू का हमला

भ्रामक कंटेंट पर 3 घंटे में कार्रवाई जरूरी
आयोग के निर्देश के अनुसार, किसी भी फर्जी, भ्रामक या कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के जरिए तैयार सामग्री पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को तीन घंटे के भीतर कार्रवाई करनी होगी। यह निर्देश चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए जारी किया गया है।

AI जनित सामग्री को करना होगा स्पष्ट चिन्हित
राजनीतिक दलों, उम्मीदवारों और उनके प्रतिनिधियों को निर्देश दिया गया है कि किसी भी कृत्रिम या एडिटेड सामग्री को ‘AI जनित’ या ‘डिजिटल रूप से परिवर्तित’ के रूप में स्पष्ट रूप से चिन्हित किया जाए। साथ ही उस सामग्री के स्रोत की जानकारी भी देनी होगी।

पांच राज्यों में विशेष निगरानी अभियान जारी
आयोग के अनुसार असम, केरल, तमिलनाडु, पुडुचेरी और पश्चिम बंगाल में चल रहे चुनावों के दौरान सोशल मीडिया पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। आचार संहिता का उल्लंघन करने वाली या भ्रामक जानकारी फैलाने वाली सामग्री पर तुरंत कार्रवाई की जा रही है।

11 हजार से अधिक पोस्ट और यूआरएल पर कार्रवाई
15 मार्च को चुनाव की घोषणा के बाद से अब तक 11 हजार से ज्यादा आपत्तिजनक पोस्ट और यूआरएल की पहचान की गई है। इन पर कार्रवाई करते हुए कई पोस्ट हटाए गए, कुछ मामलों में प्राथमिकी दर्ज की गई और कई मामलों में स्पष्टीकरण भी मांगा गया।

मौन अवधि में प्रचार पर सख्त प्रतिबंध
चुनाव आयोग ने जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 126 का हवाला देते हुए कहा कि मतदान समाप्त होने से 48 घंटे पहले ‘मौन अवधि’ लागू रहेगी। इस दौरान किसी भी प्रकार का चुनाव प्रचार पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।

सी-विजिल ऐप से दर्ज हो रही लाखों शिकायतें
आयोग ने नागरिकों और राजनीतिक दलों से अपील की है कि वे ‘सी-विजिल’ ऐप के माध्यम से आचार संहिता उल्लंघन की शिकायत दर्ज करें। 15 मार्च से 19 अप्रैल के बीच 3 लाख 23 हजार 99 शिकायतें दर्ज की गई हैं।

100 मिनट में निपटारा, 96% मामलों का समाधान
चुनाव आयोग के मुताबिक, दर्ज शिकायतों में से 96 प्रतिशत का निपटारा 100 मिनट की समय सीमा के भीतर किया गया है। इसे तेज और प्रभावी कार्रवाई का उदाहरण माना जा रहा है।

Facebook
X
Threads
WhatsApp
Telegram
Picture of अंग भारत • रिपोर्टर

अंग भारत • रिपोर्टर

‘अंग भारत’ एक हिंदी दैनिक समाचार पत्र है, जो मिलन ग्रुप द्वारा संचालित एक बहुआयामी मीडिया संगठन का हिस्सा है। हमारा कॉर्पोरेट कार्यालय बिहार के ऐतिहासिक अंग प्रदेश के पवित्र स्थान बांका में स्थित है। हमारा उद्देश्य निष्पक्ष, विश्वसनीय और जनहित से जुड़ी खबरों को पाठकों तक पहुंचाना है।”

Related Posts